उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन अवधि में नियम कायदों को ताक पर रखकर एक चिकित्सक के क्लीनिक में जमा भारी भीड़ से खफा एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने चिकित्सक सहित छह व्यक्तियों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया। चिकित्सक के पांच अन्य सहायक भी पुलिस की पकड़ में आ गए। जिन्हें थाने से जमानत देकर छोड़ा गया।
बुधवार देर रात लॉकडाउन को लेकर एसडीएम नकुड़, पूरन सिंह राणा तथा सीओ नकुड़, यतेंद्र नागर सरसावा क्षेत्र में निरीक्षण पर निकले हुए थे एसडीएम पूरन सिंह राणा ने बताया कि जब वे नकुड़ रोड पर डॉक्टर हुमायूं के क्लीनिक के समीप पहुंचे तो देखा कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा कर दर्जनों लोग क्लीनिक में मौजूद है।
क्लीनिक में जगह कम होने के कारण सभी लोग एक दूसरे से सटकर बैठे थे। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता देख उन्होंने सबसे पहले तो स्टाफ को हड़काते हुए तत्काल ही क्लीनिक को बंद कराया तथा मौके पर मौजूद चिकित्सक के पांच सहायकों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
एसडीएम नकुड़ पीएस राणा ने कहा कि उन्होंने चिकित्सक सहित सभी सहायकों के विरुद्ध धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
सरसावा थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक सोलंकी ने बताया कि उप निरीक्षक राजकुमार यादव की तहरीर पर डॉक्टर सिकंदर हुमायूं, उनके सहायक इरशाद, निजाम, जुबेर फरमान तथा बिलाल के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है तथा मौके पर पकड़े गए पांचों अन्य सहायकों को मुचलका पाबंद कर जमानत पर छोड़ा गया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करना करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई में कोई ढील नहीं की जाएगी।