मेरठ। महिला अपराध के प्रति सरकार गंभीर है। इसके बावजूद पुलिस लापरवाही करती है। दौराला पुलिस का खेल बृहस्पतिवार को एसएसपी ऑफिस पर पहुंचा। सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध में दौराला पुलिस ने 16 दिन में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित परिवार ने एसपी क्राइम से गुहार लगाई कि इस मामले की दोबारा से जांच कराई जाए।
मामला दौराला थानाक्षेत्र का है। तीन जनवरी को तीन युवकों ने एक युवती से दुष्कर्म की वारदात की थी। युवती की शिकायत पर अंकित, अरुण और रवि के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसकी जांच दरोगा राजकुमार सिंह को सौंपी गई। पीड़िता के परिजनों ने एसपी क्राइम को बताया कि पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी जबकि पीड़िता कोर्ट में दर्ज कराए बयान में मुकदमे का समर्थन कर चुकी है। सामूहिक दुष्कर्म के केस में महज 16 दिन में एफआर लगना सुनकर एसपी क्राइम भी हैरान रह गए।
एसपी क्राइम ने इंस्पेक्टर दौराला से मामले की जानकारी ली। एसपी क्राइम ने बताया कि युवती के परिजनों का दूसरे पक्ष से विवाद हुआ था। युवती के परिजनों के खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज है। क्रास मुकदमा दर्ज कराने के लिए युवती से सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। जांच में मामला झूठा पाया गया। हालांकि युवती के परिजनों की शिकायत पर जांच की जाएगी।