स्कूलों के बाहर फिर से बाइकों की कतारें लगने लगी
मेरठ में एंटी रोमियो अभियान चलाकर पुलिस ने छात्राओं में साहस का जो हौसला भरा था, वो हौसला अब टूटता नजर आ रहा है। अभियान बंद होने से महिला कॉलेजों, बाजार और स्कूलों के बाहर फिर से बाइकों की कतारें लगने लगी हैं। लड़कियों के कॉलेज के बाहर मनचले और शोहदों का जमावड़ा फिर नजर आने लगा है। छेड़खानी और कमेंट्स की कैद से खुद को मुक्त महसूस करने वाली लड़कियां अब कॉलेज गेट के बाहर पुलिस को न देखकर डर रही हैं। छात्राएं कहती हैं चौराहों, कॉलेज-स्कूल के बाहर और बाजार में जगह-जगह पुलिस की गाड़ी देखकर हमें हिम्मत महसूस होती थी। कोई में छेड़ेगा नहीं, पुलिस हमारे साथ है, लेकिन अब फिर से डर लगने लगा है। असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
हालात में हुआ था बहुत सुधार
एंटी रोमियो अभियान का असर खत्म
इस्माईल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. साधना सहाय कहती हैं कि कॉलेज के बाहर हमेशा सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ तैनात रहता है। लेकिन पुलिस ने जब एंटी रोमियो अभियान चलाया तो बहुत मदद मिली। समय-समय पर पुलिस वैन कॉलेज के बाहर सिक्योरिटी के लिए खड़ी भी होती है। पुलिस को देखकर छात्राएं भी साहस महसूस करती हैं।
अब फिर दिखने लगे शोहदे
कॉलेज के बाहर छात्राएं
अब फिर दिखने लगे शोहदे
आरजी कॉलेज छात्रा त्रिशला त्यागी ने कहा कि एंटी रोमियो अभियान चलने से कॉलेजों के बाहर खड़े रहने वाले लड़के गायब हो गए थे। अब फिर से ये दिखने लगे हैं।
खत्म हुआ था डर
इस्माइल नेशनल महिला कॉलेज छात्रा प्रियंका अभियान से छात्राओं में डर खत्म हो गया था। अब फिर से शोहदे दिखने पर असुरक्षा की भावना हो रही है।
चलता रहे अभियान
आरजी कॉलेज छात्रा शिल्पा एंटी रोमियो अभियान समय-समय पर चलते रहना चाहिए। रुटीन में पुलिस बहुत कम कॉलेज के बाहर खड़ी होती दिखाई देती है।