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Meerut News: हथियार तस्करी के अंतरराज्यीय गैंग से पुलिस की मुठभेड़, सरगना घायल

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- चार तस्करों के पास से सात पिस्टल, 20 कारतूस और चोरी की बाइक बरामद

संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। परतापुर पुलिस और स्वाट टीम ने सोमवार को अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। अच्छरौंडा-बहादुरपुर अंडरपास के पास रविवार देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस ने सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में दिल्ली निवासी गैंग सरगना दिल्ली के वेलकम कॉलोनी निवासी आमिर के पैर में गोली लगी है। वहीं उसके तीन साथियों ब्रह्मपुरी निवासी शोएब, शादान उर्फ पकौड़ी व कोतवाली निवासी साजिद को पुलिस ने कांशीराम योजना स्थित खंडहरनुमा भवन से गिरफ्तार किया। गैंग 150 से अधिक हथियार मेरठ व आसपास के क्षेत्र में सप्लाई कर चुका है।
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि परतापुर पुलिस रविवार रात अच्छरौंडा-बहादुरपुर मार्ग स्थित एक्सप्रेसवे अंडरपास के पास गश्त कर रही थी। पुलिस ने बाइक व स्कूटी सवार चार युवकों को संदिग्ध अवस्था में खड़ा देखा। पुलिस को देखकर युवक वाहन छोड़कर मौके से भागने लगे। पुलिस और स्वाट टीम ने घेराबंदी कर युवकों की घेराबंदी कर ली। आरोप है कि उन्होंने पुलिस पर पिस्टल से फायरिंग कर दी और भागने लगे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सरगना आमिर के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घायल तस्कर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने अन्य तस्करों शोएब, शादान उर्फ पकौड़ी और साजिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस तस्करों से जुड़े साथियों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
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-सात पिस्टल और चोरी की बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात अवैध .32 बोर की पिस्टल, 20 कारतूस, चोरी की स्प्लेंडर प्लस बाइक और स्कूटी बरामद की है। बाइक के संबंध में देहली गेट थाने में चोरी की प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 40 से 50 हजार तक में पिस्टल बेचते थे। गिरोह का नेटवर्क मेरठ के साथ एनसीआर के दूसरे जिलों तक फैला हुआ है। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई लेने वाले गैंग और इनके संपर्कों की जांच कर रही है।
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-व्हाट्सएप ग्रुप पर करते थे डील
पुलिस पूछताछ में पता चला कि तस्कर व्हाट्सएप के ग्रुप के माध्यम से हथियार की डील करते थे। ग्रुप में कई युवकों के बारे में अवैध हथियार की खरीद-फरोख्त की जानकारी हुई। पुलिस ने तस्करों के मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप ग्रुप पर हथियारों को पसंद किया जाता है।
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