खरखौदा। बृहस्पतिवार को खरखौदा थाना पहुंची लोहिया नगर थाना क्षेत्र के जाकिर काॅलोनी निवासी महिला ने पांच माह पहले पांची के जंगल में मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में की थी, लेकिन जांच में खरखौदा पुलिस ने उक्त शव को खुशहाल का होने से इन्कार कर दिया। पीड़ित महिला शव अपने बेटे का होने का दावा कर रही है।
गत 19 जून को खरखौदा में मेरठ-हापुड़ हाईवे पर एनसीआर मेडिकल कॉलेज के पास में एक युवक का सड़ा गला शव मिला था। शव मिलने के करीब पांच माह बाद छह नवंबर को खरखौदा थाना पहुंची मेरठ के थाना लोहिया नगर थाना क्षेत्र के जाकिर काॅलोनी निवासी इशरत पत्नी नफीस ने एनसीआर मेडिकल कॉलेज के बराबर में मिले शव की पहचान 10 जून से लापता चल रहे अपने 25 वर्षीय बेटे खुशहाल के रूप में की थी।
अधिकारियों ने खरखौदा पुलिस को मौके पर जाकर मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद खरखौदा पुलिस ने बताया कि महिला के लापता बेटे खुशहाल व मौके पर मिले शव में कोई मेल नहीं है। कोई भी तथ्य यह साबित नहीं कर रहा कि वह शव खुशहाल का था। उधर, महिला व उसके परिजन शव की पहचान खुशहाल के रूप में कर रहे हैं।
पांच माह में लोहिया नगर पुलिस ने क्यों नहीं की गुमशुदगी दर्ज
इशरत के अनुसार, उसका बेटा अपराधी था। वह कई गलत धंधों में पड़ा था। लोहिया नगर थाने में उसके खिलाफ जानलेवा हमले सहित कई मामले दर्ज हैं। 10 जून को काशीराम कॉलोनी निवासी युवक का फोन आने के बाद वह सुबह 10 बजे घर से निकल गया था। उसके बाद नहीं लौटा। पीड़ित महिला ने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए 12 जून को जिले के पुलिस अधिकारियों सहित लोहिया नगर थाने में कई बार तहरीर लेकर गई है, लेकिन लोहिया नगर थाना पुलिस ने खुशहाल की गुमशुदगी दर्ज नहीं की। महिला का आरोप है कि काशीराम कॉलोनी निवासी युवक से खुशहाल का पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद था। उसके बेटे का अपहरण कर उन लोगों ने ही उसकी हत्या कर दी। लोहिया नगर पुलिस हत्यारोपियों को संरक्षण दे रही है। इस कारण पुलिस ने पांच माह बाद भी गुमशुदगी दर्ज नहीं की।
खुशहाल कई आपराधिक मामलों में सक्रिय था। उस पर लोहिया नगर थाना क्षेत्र सहित अन्य जनपदों व मेरठ के अन्य थानाें में करीब 12 मामले दर्ज हैं। वह जानलेवा हमले के मामले में वांछित चल रहा था। लोहिया नगर पुलिस आरोपी पर इनाम घोषित कराने की कोशिश में लगी है। इस कारण खुशहाल की थाना लोहिया नगर में गुमशुदगी नहीं दर्ज की गई। -आशुतोष कुमार, सीओ, कोतवाली, मेरठ