भीम आर्मी की चेतावनी के बाद आखिरकार पुलिस और प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। पुलिस और प्रशासन को भीम आर्मी के कार्यक्रम के आयोजन को अनुमति देनी पड़ गई। सिर्फ जाम का बहाना बनाकर स्थान बदलवाया गया। अब भीम आर्मी का कार्यक्रम गांधी मैदान की बजाय दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कालोनी में होगा।
भीम आर्मी ने संगठन को मजबूत करने, गंगोह के फौजी के परिवार के उत्पीड़न के समर्थन, चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा किए जाने, इलाहाबाद में हुई दलित छात्र की हत्या के विरोध समेत कई मुद्दों को लेकर सभा के 18 फरवरी को आयोजन किए जाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन से अनुमति मांगी थी। पहले छात्रावास की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी। जिसके बाद गांधी मैदान में कार्यक्रम की अनुमति के लिए प्रार्थना-पत्र दिया। शुक्रवार को उनके आवेदन को यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि भीम आर्मी के चलते पहले ही काफी माहौल खराब हो चुका है। उसका असर अभी तक है। प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने का पत्र भी जारी कर दिया गया।
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने एलान कर दिया कि चाहे अनुमति मिले या न मिले आयोजन जरूर होगा। यही नहीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों को रोकने पर कानून व्यवस्था बिगड़ने के खतरे से भी आगाह किया।
भीम आर्मी के कड़े रुख को देख पुलिस और प्रशासन के पसीने छूट गए। 9 मई 2017 की घटना की पुनरावृत्ति से आशंकित अधिकारियों ने तुरंत ही भीम आर्मी के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। उनसे दोबारा प्रार्थना पत्र लिया गया और जिसमें अनुमति दिए जाने के कारण के लिए स्थान बदलवा दिया गया। मिनटों में ही सदर कोतवाली से रिपोर्ट मंगाई गई और दोपहर तक कांशीराम कालोनी में कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दे दी गई।
नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि भीम आर्मी ने कार्यक्रम का स्थल बदल लिया है और उनका एजेंडा भी संगठन की मजबूती का है। इसमें कोई ऐसी बात नहीं है जिससे कानून व्यवस्था को दिक्कत हो सके। इसलिए कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दी गई है।