नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली में हालात बेकाबू हैं। ऐसे में मेरठ पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। दोबारा हिंसा की आशंका में चार कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएएफ और 400 अंडर ट्रेनिंग दरोगाओं को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। दिनभर थानों और अतिसंवेदनशील इलाकों में मीटिंग का दौर चला। कई जगह फ्लैग मार्च निकाला गया।
सीएए के विरोध में अब तक दिल्ली में हेड कांस्टेबल समेत दस लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को राजधानी में चार जगह कर्फ्यू भी लगा दिया गया। गाजियाबाद बार्डर तक इसका असर रहा। इसको लेकर मेरठ जोन में कई आईपीएस अफसरों को बतौर नोडल अधिकारी लगाया गया। सीएए के विरोध में 20 दिसंबर को मेरठ, मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा हो देखते हुए चौकसी बढ़ाई गई है। प्रशासन ने मेरठ जनपद को सेक्टर में बांटकर मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। मंगलवार को आईजी रेंज मेरठ प्रवीण कुमार को गाजियाबाद बोर्डर पर तैनात किया गया।
वहीं, आईजी लक्ष्मी सिंह को मुजफ्फरनगर और आईजी ज्योति नारायण सिंह को बुलंदशहर व हापुड़ में लगाया गया। एसएसपी अजय साहनी ने शहर में चप्पे चप्पे पर फोर्स लगाया है। एसएसपी ने बताया कि जिले के सभी थानेदारों ने स्थानीय लोगों के साथ मीटिंग कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। एसएसपी, एसपी सिटी ने कई क्षेत्रों में फोर्स के साथ पैदल मार्च भी निकाला। लोगों से कहा कि मेरठ में शांति है और शरारती तत्वों पर पुलिस की नजर है।
सोशल मीडिया पर भी चौकसी
दिल्ली में हिंसा को लेकर फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर लोगों को भड़काया जा रहा है। इसको लेकर पुलिस गंभीर है। पुलिस ने लोगों से फर्जी वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की। सही वीडियो ही पोस्ट करें। मनमानी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध लोगों को चेतावनी दी
पुलिस ने कहा कि हिंसा से जुड़े मुकदमों में नामजद लोगों को चिंह्नित किया गया है। संदिग्ध लोगों को नोटिस भी भेजा है। मेरठ में 35 ऐसे लोग चिंह्नित किए गए हैं, जो हिंसा करने में सबसे आगे रहते हैं। कई जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
जनता से मांगा सहयोग
मंगलवार शाम परतापुर, भावनपुर, देहलीगेट, सदर बाजार, कोतवाली समेत कई थानों में सीओ ने मीटिंग की। मीटिंग में एसपी सिटी और एडीएम सिटी भी पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से सहयोग मांगा। पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था का पालन करें। 20 दिसंबर की हिंसा का हवाला देकर लोगों को समझाया। शहर और देहात में संवेदनशील इलाकों में पुलिस फोर्स लगाया गया है।
चुनौती के बीच सब सामान्य
20 दिसंबर की हिंसा को देखते पुलिस अलर्ट है। कई जगहों पर फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। यह पुलिस के लिए चुनौती है, लेकिन सब सामान्य है। शहर को अलग अलग सेक्टरों में बांटा गया है। पीएसी व आरएएफ संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तैनात है। -अजय साहनी, एसएसपी
25 फरवरी से दो मार्च तक अलर्ट
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने 25 फरवरी से दो मार्च तक जिले में अलर्ट किया है। इसके तहत शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांट दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ कोतवाली को संवेदनशील कोतवाली इलाके में लगाया गया है। अपर नगर मजिस्ट्रेट को सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी के साथ भूड़बराल, काशी, अछरौंडा, परतापुर, मोहिउद्दीनपुर, अपर नगर मजिस्ट्रेट (सदर) सुनीता सिंह के साथ सीओ कैंट हरिमोहन सिंह को सदर बाजार इलाके में लगाया गया है। अपर नगर मजिस्ट्रेट (सिविल लाइन) चंद्रेश कुमार सिंह के साथ सीओ सिविल लाइन संजीव देशवाल सिविल लाइन इलाके में रहेंगे।