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पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे दीये और मोमबत्ती से कोरोना पर वार करेगी जनता, ज्योतिषाचार्य जोड़ रहे अद्भुत संयोग

Sat, 04 Apr 2020 10:36 AM IST
Dimple Sirohi नवीन पाण्डेय, अमर उजाला, सहारनपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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 देश के प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे पांच अप्रैल को नौ बजे दीपक मोमबत्ती या मोबाइल की टाॅर्च जलाकर रोशनी करें। पीएम मोदी की इस अपील का अब ज्योतिषिय आंकलन भी शुरू हो गया है। इस तिथि, दिन, वक्त, रोशनी आदि को साहस, पराक्रम और एकाग्रता से जोड़कर इसके सार्थक परिणाम की आस लगा रहे हैं। 

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दिलचस्प पहलू ज्योतिषियों ने ये निकाला है कि पांच अप्रैल को विष्णु दमनोत्सव और मदन द्वादशी है। जो पुत्र शोक से बचाने के लिए किया जाता है। यानि एक अभिभावक के तौर पर प्रधानमंत्री को देखे तो वह कोरोना जैसी बीमारी से बचाने को देश को एकजुट करने के साथ कोरोना को हराने का संकल्प ले चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के सुबह नौ बजे वीडियो संदेश को लेकर तमाम लोग मायने निकाल रहे हैं। ज्योतिषियों ने भी गणना इसे लेकर की है। सहारनपुर के ज्योतिषियों की मानें तो प्रधानमंत्री क्योंकि काशी यानी वाराणसी से सांसद हैं तो उन्होंने इसके लिए कई गुण.गणित के आधार पर संभवत ये निर्णय लिया हो। उनका यह निर्णय बेहद साकार होगा। कोरोना की जंग में हम और मजबूत होंगे।

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ज्योतिषियों की नजर में आखिर नौ बजे का क्या है संयोग
ज्योतिषाचार्य महंत राधवेन्द्र स्वामी श्री राम पंचायतन सिद्घपीठ सहारनपुर का कहना है कि नौ मंगल का अंक है और पूर्णांक भी है। यानी  999 को पूर्णांक में करें तो 27 आएगा और ये अंक सात और दो मिलकर नौ ही होगा। ये भी कहना है कि मंगल साहस, पराक्रम, एकजुटता और एकाग्रता का प्रतीक होता है। कोरोना को इससे हराया जा सकता है। 

दीयाए कैंडल को जलाने के पीछे मकसद ये है कि मिट्टी का दीया यथासंभव सरसों का तेल डालकर जलाएं। ये मंगल का बड़ा उपाय ज्योतिषशास्त्र में है।

कहते हैं कि सरसों का तेल भी लाल ही होता है और जो प्रकाश यानी अग्नि प्रकट होती है। वह पीले के साथ लाल अंश की दिखती है। यह भी मंगल का कारक है। मंगल मेष का स्वामी है। रविवार का दिन है। जो सूर्य का प्रतीक है। सूर्य और मंगल की मित्रता रहती है। अंक नौ है यानी मंगल और सूर्य साथ हैं। इसलिए सबकुछ अच्छा ही होगा।

अद्भुत संयोग से जोड़ रहे ज्योतिषाचार्य 
ज्योतिषाचार्य महंत राधवेन्द्र स्वामी ने बताया कि रविवार को मदन द्वादशी है। सूर्योदय के समय से पूरे दिन तिथि रहती है। लेकिन इस दिन शाम 7:25 मिनट पर खत्म हो रही और तुरंत त्रियोदशी तिथि की शुरुआत हो रही है।

त्रियोदशी तिथि को भगवान शिव से जोड़ा जाता है। त्रयोदशी तिथि की शुरूआत होते  ही जया तिथि लग रही है। जो जीत का संकेत देती है। ऐसे में यदि प्रधानमंत्री को काशी के सांसद होने के नाते जोड़ें तो ये बेहद शुभ है। काशी शिव की नगरी भी है।
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