ज्योतिषियों की नजर में आखिर नौ बजे का क्या है संयोग
ज्योतिषाचार्य महंत राधवेन्द्र स्वामी श्री राम पंचायतन सिद्घपीठ सहारनपुर का कहना है कि नौ मंगल का अंक है और पूर्णांक भी है। यानी 999 को पूर्णांक में करें तो 27 आएगा और ये अंक सात और दो मिलकर नौ ही होगा। ये भी कहना है कि मंगल साहस, पराक्रम, एकजुटता और एकाग्रता का प्रतीक होता है। कोरोना को इससे हराया जा सकता है।
दीयाए कैंडल को जलाने के पीछे मकसद ये है कि मिट्टी का दीया यथासंभव सरसों का तेल डालकर जलाएं। ये मंगल का बड़ा उपाय ज्योतिषशास्त्र में है।
कहते हैं कि सरसों का तेल भी लाल ही होता है और जो प्रकाश यानी अग्नि प्रकट होती है। वह पीले के साथ लाल अंश की दिखती है। यह भी मंगल का कारक है। मंगल मेष का स्वामी है। रविवार का दिन है। जो सूर्य का प्रतीक है। सूर्य और मंगल की मित्रता रहती है। अंक नौ है यानी मंगल और सूर्य साथ हैं। इसलिए सबकुछ अच्छा ही होगा।
अद्भुत संयोग से जोड़ रहे ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्य महंत राधवेन्द्र स्वामी ने बताया कि रविवार को मदन द्वादशी है। सूर्योदय के समय से पूरे दिन तिथि रहती है। लेकिन इस दिन शाम 7:25 मिनट पर खत्म हो रही और तुरंत त्रियोदशी तिथि की शुरुआत हो रही है।
त्रियोदशी तिथि को भगवान शिव से जोड़ा जाता है। त्रयोदशी तिथि की शुरूआत होते ही जया तिथि लग रही है। जो जीत का संकेत देती है। ऐसे में यदि प्रधानमंत्री को काशी के सांसद होने के नाते जोड़ें तो ये बेहद शुभ है। काशी शिव की नगरी भी है।