आरोपों की भरमार... 20 अस्पतालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
मेरठ। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में मेरठ मंडल के 20 और अस्पताल जांच के घेरे में आ गए हैं। विजिलेंस टीम इनकी जांच कर रही है। पांच अस्पतालों की गोपनीय रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। 15 की जांच चल रही है। इन अस्पतालों पर बिना इलाज किए क्लेम लेने और कम पैसों के इलाज का ज्यादा क्लेम संबंधी कई तरह के आरोप हैं। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इन्हें पैनल से हटाया जा सकता है।
चार सदस्य विजिलेंस टीम जांच कर रही है। ये अस्पताल मेरठ के अलावा, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिलों के हैं। मेरठ के इनमें 11 अस्पताल हैं। इससे पहले भी कई अस्पतालों पर बिना इलाज किए क्लेम लेने पर पैनल से नाम हटाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग लगातार योजना से जुड़े अस्पतालों की पड़ताल कर रहा है। मानकों के अलावा उनमें कितने मरीजों को इलाज मिला यह भी देखा जा रहा है। विजिलेंस टीम के प्रभारी ने बताया कि विभाग के पास 20 अस्पतालों के खिलाफ सूचनाएं हैं कि उनके यहां आयुष्मान के नियमों का अनुपालन नहीं हो रहा है। सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि यह टीम सीधे शासन को रिपोर्ट भेज रही है। शासन से उनके पास कार्रवाई के लिए रिपोर्ट आएगी, अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
141 अस्पतालों ने आवेदन ही नहीं किए
इस योजना के तहत आवेदन करने वाले 40 अस्पतालों-नर्सिंग होम के आवेदन पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि इसमें शामिल दो अस्पतालों ने अपने अपने नाम वापस ले लिए थे। आरोप लगने पर आधा दर्जन से ज्यादा अस्पताल पैनल से निकाले जा चुके हैं। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान योजना में जनपद के मेरठ में 102 अस्पतालों-नर्सिंग होम ने आवेदन किए थे। स्वास्थ्य विभाग में 243 अस्पताल-नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, जिनमें से 141 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने इस योजना में शामिल होना ही मुनासिब नहीं समझा।