संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। विश्व पर्यावरण दिवस पर सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में शुक्रवार को प्रकृति भ्रमण (नेचर वॉक) एवं पौधारोपण कार्यक्रम किया गया।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नेचर वॉक से हुआ। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना समय की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता पतंजलि शोध संस्थान हरिद्वार के वैज्ञानिक डॉ. इनाम मलिक ने पौधों के औषधीय, पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण की आवश्यकता बताई। कुलसचिव डॉ. वीपी सिंह ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पौधों की भूमिका समझाई। विशेषज्ञों ने आड़ू, प्लम, पलाश और एलोवेरा सहित कई महत्वपूर्ण पौधों की उपयोगिता और संरक्षण संबंधी जानकारी साझा की। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
प्राकृतिक और जैविक खेती पर प्रकाश डाला
मोदीपुरम। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम में शुक्रवार को मिशन लाइफ के तहत विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, कर्मचारियों और किसानों समेत 87 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। परियोजना समन्वयक डॉ. एन रविशंकर ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार ने प्रतिभागियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. पीसी जाट, डॉ. राघवेंद्र केजे और डॉ. अमित पाटिल ने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। संवाद