कैंट बोर्ड की बैठक में वार्ड सात से सभासद धर्मेंद्र सोनकर की सदस्यता समाप्त करने पर मुहर लगा दी गई। इस दौरान किसी भी चयनित सभासद ने इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया। सोनकर की सदस्यता समाप्ति का प्रस्ताव अब रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। यह कार्रवाई अवैध निर्माण कराने के आरोप में की गई है। 2006 के एक्ट के तहत मेरठ कैंट बोर्ड के इतिहास में इस तरह की यह पहली कार्रवाई है।
धर्मेंद्र सोनकर की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने कैंटोनमेंट एक्ट धारा 34 के तहत पेश किया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले रजबन स्थित काली माता के मंदिर में बिना अनुमति निर्माण कार्य हो रहा था। कैंट बोर्ड की टीम उसे रुकवाने पहुंची। वहां धर्मेंद्र सोनकर पहुंचे और मुझे फोन करके कहा कि निर्माण नहीं होगा, अनुमति लेकर ही कार्य किया जाएगा। लेकिन रात में ही बिना मंजूरी निर्माण करा दिया गया। दबाव बनाने के लिए लोगों ने एकत्र होकर दफ्तर पर प्रदर्शन भी किया। इसके सबूत मौजूद हैं। बैठक में चुने गए आठ सदस्यों में से चार महिला सदस्य उपाध्यक्ष बीना वाधवा, मंजू गोयल, बुशरा कमाल, रिनी जैन मौजूद थीं।
पचमढ़ी में हो चुकी कार्रवाई
इससे पहले धारा 34 के तहत मध्य प्रदेश की पचमढ़ी कैंट बोर्ड में कार्रवाई हो चुकी है। अतिक्रमण करने की वजह से वहां पांच सदस्यों की सदस्यता चली गई थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी कैंट बोर्ड की जीत हुई थी।