शराब तस्करों की निगरानी के लिए बनाया प्लान
मेरठ। पंचायत चुनाव के मद्देनजर आबकारी विभाग सक्रिय हो गया है। शराब तस्करों और माफिया पर शिकंजा कसने के लिए विभाग तैयारी में जुट गया है। इसके तहत उनके ठिकानों को ध्वस्त करने की योजना बनाई गई है। साथ ही अनैतिक कार्य में लिप्त लोगों के परिजनों की भी जिम्मेदारी तय होगी।
देहात क्षेत्र में शराब माफिया तेजी से सक्रिय हैं। जानी के एक स्कूल में शराब बनाने का खुलासा और सरधना में अल्कोहल के ड्रम बरामद होने से इस बात की पुष्टि हो गई है। दोनों मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप के संकेत भी मिले हैं। इससे साबित हो गया है कि शराब बनाने का खेल चुनावों से जुड़ा है। आबकारी विभाग ने करीब 28 शराब माफिया जनपद स्तर पर चिह्नित किए हैं। टॉप 10 शराब तस्करों को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की है। पूर्व में पकड़े गए अधिकतर लोग बड़े माफिया के लिए काम कर रहे थे।
सीमित संसाधन बड़ी चुनौती
सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले आबकारी विभाग के पास संसाधनों की कमी है। जनपद स्तर पर विभाग के पास सिर्फ दो गाड़ियां हैं। वह भी संविदा पर ली गई हैं। प्रवर्तन की कार्रवाई के लिए विभाग उधार की व्यवस्था पर निर्भर है। एक सिपाही पर जिले के दो-दो थाना क्षेत्रों की निगरानी का जिम्मा है।
जेल में होंगे शराब तस्कर
पंचायत चुनाव के चलते मजबूत प्लान बनाया गया है। जल्द ही शराब तस्करों पर शिकंजा कसा जाएगा। गतिविधि नहीं रुकी तो शराब तस्कर सलाखों के पीछे होंगे। - आलोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी