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Meerut News: हथियार तस्कर अनिल बंजी की निशानदेही पर पिस्टल बरामद

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मेरठ। संजीव जीवा गैंग से जुड़े हथियार तस्कर अनिल बंजी को रिमांड पर लेकर एसटीएफ ने पिस्टल बरामद की है। अनिल बंजी को लेकर टीम हरियाणा और पंजाब पहुंची और गिरोह के संबंध में जानकारियां जुटाईं। आरोपी ने अपने कुछ साथियों के नाम बताए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए भी एसटीएफ ने दबिश शुरू कर दी है। पूछताछ के बाद आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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एसटीएफ ने 23 नवंबर को मेरठ में यूपी पुलिस के दरोगा के बेटे रोहन को 17 बंदूकों के साथ पकड़ा था। तब अनिल बंजी और तीन अन्य साथी फरार हो गए थे। जो बंदूक बरामद हुईं थीं, वे किसी लोकल फैक्टरी में नहीं बनी थीं। ये सब लाइसेंसी पुराने हथियार थे। जिनको गन हाउस मालिक द्वारा फर्जी तरीके से गैंग को बेचा जा रहा था। हथियार तस्करी का गैंग लीडर अनिल बंजी इन हथियारों को प्रोफेशनल बदमाशों को सप्लाई करता था। अनिल बंजी मेरठ में सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के प्रोफेसर पर जानलेवा हमले में जेल गया था। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से हथियार तस्करी से जुड़ गया। 20 दिसंबर को एसटीएफ ने अनिल बंजी को गिरफ्तार कर लिया था।
गन हाउस से सेटिंग कर चल रहा अवैध धंधा

एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि गन हाउस पर नए हथियारों के अलावा ऐसे पुराने हथियार भी होते हैं जिनको लाइसेंसधारक सरेंडर कर देते हैं। अगर किसी लाइसेंसधारक की मौत हो गई और उसके परिवार वालों ने लाइसेंस नहीं बनवाया तो उससे परमीशन लेकर गन हाउस पर बेच दिया जाता है। बहुत से लोग हथियार पुराने होने की वजह से बेच देते हैं। अनिल बंजी ऐसे ही गन हाउस से सेटिंग करके इन हथियारों को 40 से 50 हजार रुपये प्रति बन्दूक तथा 100 रुपए प्रति कारतूस (315 बोर) खरीदता था।
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इसके बाद इन बंदूकों को यह लोग 80 हजार से एक लाख में और कारतूस को 200 से 250 रुपए में बेच देते थे। गन हाउस का मालिक अनिल बंजी को असलाह व कारतूस किसी अन्य व्यक्ति के नाम से फर्जी रसीद काटकर देता था। वह फर्जी रसीदें अनिल बालियान अपने पास रखता था। फिर इन हथियारों को प्रोफेशनल बदमाशों को बेचा जाता था।

संजीव जीवा गैंग से जुड़ा था अनिल बंजी, मेरठ में डीन को मारी थी गोलियां
अंतर्राज्यीय गैंग का मुख्य सरगना अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी पहले कुख्यात धर्मेंद्र किरठल के गैंग से जुड़ा था। साल 2013 में रोहटा रोड पर धर्मेंद्र किरठल के साथी अनिल बामडोली का मर्डर हो गया। इसमें अनिल पर मुखबिरी का शक जताया गया था। इसके बाद से धर्मेंद्र किरठल और अनिल बालियान अलग हो गए। धर्मेंद्र से बचने के लिए अनिल बालियान ने संजीव जीवा गैंग से हाथ मिला लिया। फैजाबाद जेल में अनिल बालियान ने संजीव जीवा से मिलकर 12 लाख में एके-47 और 1300 कारतूस खरीदे। जिससे की धर्मेंद्र किरठल पर हमला करा सके।

डीन को मारी थी गोलियां
11 मार्च 2022 की कृषि विवि के डीन राजवीर सिंह कार घर कंकरखेड़ा स्थित डिफेंस एंक्लेव कालोनी जा रहे थे। कार हाईवे-58 के बीच स्थित आइसीएआर संस्था गेट के पास पहुंची तो बाइक सवार बदमाशों ने डीन की कार रूकवाकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। उनको 12 गोलियां लगी थी। लंबे समय तक वह कोमा में रह रहे थे। पुलिस ने इस मामले में अनिल बालियान समेत दो शूटर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीसरा शूटर हापुड़ निवासी ने कोर्ट में सरेंडर किया था। षड़यंत्रकारी कृषि विवि में वेटनरी कालेज की डा. आरती भटेले छुट्टी जाने के बाद फरार हो गई थी। हालांकि बाद में हाईकोर्ट से डा. भेटले को जमानत मिल गई थी, जिसमें डा. भटेले ने अपना पासपोर्ट भी मेरठ कोर्ट में जमा करा दिया था।
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