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Meerut News: बेसमेंट में चलती मिली पिस्टल फैक्टरी, तीन आरोपी को गिरफ्तार

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पुलिस ने 4 बने और पांच अधबने पिस्टल किए बरामद
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सोशल मीडिया के जरिये हथियारों की तस्वीर भेजकर करते है सौदा तय
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। लिसाड़ी गेट पुलिस और स्वाट टीम ने लोहियानगर क्षेत्र के हुमायूं नगर के बेसमेंट में अवैध हथियार बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार किए है। आरोपियों के कब्जे से चार बनी हुई और पांच अध बनी पिस्टल बरामद किए गए है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि पुलिस ने एक सूचना पर हुमायूं नगर में वसीम के मकान के बेसमेंट में संचालित अवैध शस्त्र निर्माण फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। अंतर जनपदीय गिरोह के तीन आरोपी हिस्ट्रीशीटर वसीम, हुमायूं नगर निवासी आफताब और चमड़ा पैंठ निवासी नदीम को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्कूटी भी बरामद की है। पुलिस ने चार पिस्टल, पांच अध बनी पिस्टल, मैगजीन समेत हथियार बनाने में प्रयोग होने वाला सामान बरामद किया है। आरोपी वसीम के खिलाफ दो, आफताब के खिलाफ भी दो और नदीम के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है।
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पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों को हथियारों की तस्वीरें भेजकर सौदा तय करते थे। इसके बाद आसपास के जिलों में पिस्टलों की सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह पिछले करीब तीन महीने से सक्रिय था। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से भाग गए। जिनकी तलाश की जा रही है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि मुख्य आरोपी वसीम हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क, हथियार खरीदने वालों, कच्चा माल उपलब्ध कराने वालों और आरोपियों की अवैध संपत्तियों की जांच कर रही है। दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


एक महीने की निगरानी के बाद हुई कार्रवाई
एसपी सिटी ने बताया कि एक महीने तक गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी गई। मुखबिर की सूचना पर स्वाट टीम प्रथम और लिसाड़ी गेट पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वसीम के ठिकाने पर छापा मारा, जहां मकान के भीतर अवैध शस्त्र फैक्टरी संचालित मिली। इनके अन्य साथियों के बारे में भी पुलिस पड़ताल कर रही है।
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वसीम का भाई नईमुद्दीन करता था सप्लाई
एसपी सिटी ने बताया कि वसीम का भाई नईमुद्दीन सैफी और लिसाड़ी गेट निवासी जफर सप्लाई करने का काम करते है। पिस्टल महंगी बिके, इसको लेकर आरोपी मेड इन यूएई भी लिखते थे। जिसके बाद एक पिस्टल 60 हजार रुपये में बिक जाती थी। नईमुद्दीन पहले भी कई बार जेल जा चुका है। 2022 में नईमुद्दीन पर दहेज एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। 2023 और 2024 में शस्त्र फैक्टरी चलाने के आरोप में जेल जा चुका है। अब 2026 में फिर शस्त्र फैक्टरी का मुकदमा हो गया। आरोपी नईमुद्दीन और जफर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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