माता-पिता की डांट से क्षुब्ध एक किशोर ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मरने से पहले किशोर अपने चचेरे भाई से फोन पर बात करता हुआ रेलवे ट्रैक के किनारे जा रहा था। ट्रेन के सामने आते ही उसने कहा कि ‘भाई मैं मरने जा रहा हूं, मुझे माफ करना’ और जान दे दी। परिजनों ने बिना पुलिस कार्यवाही के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पबरसा गांव निवासी संजू (17) पुत्र किरण चार दिनों बाद रिश्तेदारी से बुधवार शाम घर लौटा था। उसके माता-पिता ने उसे इस बात पर डांट दिया था।
जिससे क्षुब्ध होकर वह दौराला-पबरसा मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर पहुंच गया। इसके बाद पैदल ही दौराला और मोदीपुरम के बीच रेलवे ट्रैक पर पहुंचा गया। शाम करीब 5:45 बजे उसने अपने चचेरे भाई सोनू को कॉल की। बातचीत के दौरान ही करीब छह बजे ट्रैक पर उत्कल एक्सप्रेस पहुंची तो संजू ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। पल भर में ही उसके शरीर के परखचे उड़ गए। इंस्पेक्टर परशुराम के अनुसार संजू ने गृह क्लेश के चलते आत्महत्या की है।
एक घंटे में एकत्र हुए अंग
दौराला पुलिस की सूचना पर जब उसके परिजन वहां पहुंचे तो ट्रैक के अंदर और बाहर संजू के शरीर के टुकड़े करीब सौ मीटर में फैले पड़े थे। ट्रैक भी खून से लथपथ था। ट्रेन की चपेट में आकर वह दूर तक घिसटता हुआ चला गया था। परिजनों और ग्रामीणों को शरीर के अंग एकत्र करने में एक घंटा लगा। एक पैर ढूंढने में ही करीब आधा घंटा लग गया। सभी अंगों को समेटकर एक गठरी में बांधा गया।
‘मौत के आगे कुछ नहीं सुना’
बकौल चचेरे भाई सोनू के अनुसार संजू बात करते समय रो रहा था। बार-बार यही कहता रहा कि भाई मैं मरने जा रहा हूं, अब ट्रैक के पास पहुंच गया हूं। भाई मुझे माफ करना मैं इस दुनिया से दूर जा रहा हूं। मां ने मुझे बहुत डांटा और पापा ने भी बहुत कुछ कहा।
मैंने परिवार के लिए काम किया और आज तीन दिन बाद घर आया तो मुझे इतना भला बुरा कहा। अब जीने का मन नहीं है। सोनू उसे समझाता रहा कि तू रुक भाई, मैं आ रहा हूं। तू ऐसा मत करना। रुक जा, मान जा, ऐसा मत कर, गुस्सा शांत कर, लेकिन संजू मानने के लिए तैयार नहीं था और बस मरने की बात ही कर रहा था।
‘तूने ऐसे क्यों कर दिया मेरे लाल’
संजू परिवार में सबसे बड़ा था। उसकी बहन अंजली और छोटा भाई बंटी है। संजू वेल्डिंग करके परिवार चलाने में मदद करता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बहन और भाई रोते-बिलखते कई बार बेहोश हुए। मां पुष्पा देवी रोते हुए बस यही कह रही थी कि तूने ऐसे क्यों कर दिया मेरे लाल।