उत्तर प्रदेश के शामली जिले के परसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैराना में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात दीपक अग्रवाल कोरोना के विरुद्ध जंग में दिन रात लगे हैं। दीपक अग्रवाल ने बताया कि उसकी पत्नी, दो बड़ी बेटी और एक बेटा अस्पताल के आवासीय परिसर में रहते हैं, लेकिन जब से लॉक डाउन हुआ है, वे परिवार से दूरी बनाकर रखते हैं।
उनका कहना है कि कोरोना को हराने के लिये दिन और रात सब बराबर है। रोज देर तक जागते हैं और सुबह 5 बजे से पहले उठकर ड्यूटी पर निकल पड़ते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार के साथ कोरोना संदिग्ध की जांच के लिए क्षेत्र में जाते हैं।
दिनभर की भागदौड़ से थकान होती है लेकिन कोरोना का नाम आते ही या जब पता चलता है कि कोरोना संदिग्ध का सैंपल लेना है, तो फिर थकान दूर भाग जाती है। आज पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में फार्मेसिस्ट होने के नाते उनका फर्ज है कि पहले लोगो को कोरोना से बचाने के लिये ज्यादा से ज्यादा कोशिश की जाये। अपने फर्ज को निभाने में कोई बाधा न आये, इसलिये परिवार से भी दूरी बना रखी है। रात को घर पर जाने के बाद अलग कमरे में सोते हैं।
इस समय परिवार से ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी जनता को कोरोना से बचाने की है। परिवार की तो बाद में भी देखभाल हो जायेगी। इसके लिये वे लोगों को कोरोना से बचाव के लिये कस्बे और गांवों में लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।