मवाना बस अड्डे के पास से हटेगा पेट्रोल पंप
मेरठ। स्पोर्ट्स स्टेडियम की बेशकीमती जमीन को लेकर दायर वादों में पहला झटका हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप को लगा है। जिसमें जमीन से पेट्रोल पंप की बेदखली के आदेश के साथ ही पंप मालिक से क्षतिपूर्ति धनराशि 18.80 लाख रुपये वसूले जाने के भी आदेश दिए हैं।
कैलाश प्रकाश स्टेडियम के पीछे की तरफ काफी बड़ी जमीन है। यह जमीन स्पोर्ट्स स्टेडियम की है। इस जमीन में जहां मवाना, परीक्षितगढ और सरधना का प्राइवेट बस अड्डा संचालित हैं तो कई दर्जन दुकानें भी इस जमीन में बनी है। वहीं एक साइड के बड़े हिस्से पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम का एक पेट्रोल पंप भी संचालित है। पेट्रोल पंप को करीब 700 गज जमीन साल 1961 में 10 साल के लिए लीज पर दी गई थी। जिसे 10 साल के लिए फिर से बढ़ा दिया गया। जब वर्ष 1988 में लीज समाप्त हुई तो पेट्रोल पंप को जमीन से बेदखल करने का आदेश जारी कर दिया गया। जिस पर पेट्रोल पंप संचालक कोर्ट चले गए।
यह मामला वर्ष 1999 में पीपी एक्ट के तहत अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम) सिविल लाइन की कोर्ट में सुनवाई के लिए आ गया। तभी से इस पर सुनवाई चल रही थी। सोमवार को एसीएम सिविल लाइन चंद्रेश ने पेट्रोल पंप को उक्त जमीन से बेदखल करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही आदेश में कहा कि लीज की अवधि वर्ष 1988 थी, लेकिन संशोधित नया नोटिस 31 मई 1999 से दखल दिए जाने की अवधि तक रुपये 5 हजार प्रतिमाह की दर से 31 अगस्त 2019 तक कुल रुपये 12.15 लाख रुपये और 31 मई 1999 को जारी नोटिस में अवशेष 6.65 लाख रुपये कुल 18.80 लाख रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से क्षतिपूर्ति के लिए निर्धारित किया। क्योंकि पेट्रोल पंप संचालकों ने वर्ष 1988 के बाद से किराया भी जमा नहीं किया था।
30 दिन में आदेश का पालन
एसीएम ने आदेश की प्रति क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के साथ ही थाना सिविल लाइन प्रभारी को भी भेजी है। जिसमें 30 दिन के भीतर आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया है।
स्टेडियम की जमीन के 75 वाद
कैलाश प्रकाश स्टेडियम की जमीन से जुड़े करीब 75 मामले पीपी एक्ट के तहत इस समय एसीएम सिविल लाइन कोर्ट में विचाराधीन है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा के निर्देश पर अब सभी मामलों में तेजी से सुनवाई शुरू कर दी गई है। जिसके चलते शीघ्र ही बाकी की संपत्ति को लेकर भी जल्दी ही आदेश आने की बात कही जा रही है।