मेरठ। गोलाकुआं के जिस मकान में गैस की रिफिलिंग होते हुए पकड़ी गई, वहां से महज 400 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप है। इसके साथ आजादनगर से लेकर लिसाड़ी रोड तक बड़े प्रतिष्ठान और संस्थान भी हैं। इस मकान से 500 मीटर की दूरी पर ही करीब 20 हजार की घनी आबादी है। यदि रिफिलिंग के कारण कोई धमाका हो जाता या आग लग जाती तो इतनी आबादी खतरे में पड़ सकती थी। दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान तो ऐसे खतरे की आशंका और बढ़ जाती है। इस मकान में करीब एक साल से यह अवैध कारोबार चल रहा था। इसके बावजूद नजदीक ही स्थित लिसाड़ीगेट थाने और सोहराब गेट पुलिस चौकी तक को इसकी भनक नहीं लगी। अब मामला खुला तो आपूर्ति विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक जांच और कार्रवाई के दावे कर रहा है। इससे पहले भी गैस रिफिलिंग के दौरान हादसों से जान खतरे में पड़ती रही है। संवाद