हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख, शांति-समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का आयोजन चल रहा है। बुधवार को 20वें दिन विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गुरु समाधि सागर जी महाराज ने कहा कि स्वयं के दुखों को पिघलाना कठिन है।
गुरु समाधिसागर जी महाराज ने कहा कि आज मनुष्य दुखी है। किसी दूसरे के दुख को देखकर पिघलना आसान है, लेकिन स्वयं के दुखों को पिघलाना कठिन है। व्यक्ति स्वयं के दुखों को बार-बार सोचता है और उसका विस्तार करता चला जाता है। जिस दिन तुमने अपने दुखों के बारे में सोचना बंद कर दिया उसी दिन से तुम सुखी हो जाओगे। आज के सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सुशील जैन, स्वर्ण कलश से अभिषेक सुशील जैन, शांतिधारा गौरव जैन, आगम जैन, विपिन जैन सलिल जैन, सिद्धार्थ, मोहित जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन राजरानी जैन गुंजन जैन, मधु जैन, लवली जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आज 151 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। भक्तामर पाठ का शुभारंभ आशु जैन, सिद्धि जैन हस्तिनापुर ने संस्कृत भाषा में किया। विधान के मध्य विनोद एण्ड म्युजिक पार्टी की मधुर लहपर रेखा जेन नेहा जैन ने भजन प्रस्तुत किया।
सलिल जैन ने किया विसर्जन
आज के विधान का विसर्जन सलिल जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन पीयूष जैन, ऋषभ जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन रानी जैन, चंचल जैन हस्तिनापुर ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्जवलन सुनीता दीदी और गुरुकुल के बच्चों द्वारा किया गया। मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम जैन, विपिन शर्मा आदि सहित क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन लंदन, सुशील जैन, राकेश जैन, रोहित जैन का सहयोग रहा।