स्मार्ट सिटी को लेकर न तो कंसल्टेंट गंभीर हैं और न ही नगर निगम प्रशासन। कंसल्टेंट गुजरात का मोह नहीं छोड़ रहे और नगर निगम प्रचार की गाड़ी की रफ्तार नहीं बढ़ा पाया। जिस कारण स्मार्ट सिटी की वोटिंग का पहिया थम सा गया है। राजनीतिक दलों में केवल भाजपा को छोड़कर अन्य दल पूरी तरह से दूरी बनाए हुए हैं। अब स्मार्ट सिटी की डगर पूरी तरह शहरवासियों के भरोसे है।
स्मार्ट सिटी के लिए जनता की राय और वोटिंग जरूरी है। इसके बावजूद भी नगर निगम और कंसल्टेंट की तरफ से कोई खास प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है। पिछले साल वोटिंग के लिए जहां अमर उजाला ने अनेकों स्थानों पर कैंप लगाकर प्रचार प्रसार किया था, वहीं अन्य सामाजिक संस्थाएं भी आगे आईं थीं। बाद में नगर निगम प्रशासन भी कदम से कदम मिलता नजर आया था। इतने प्रयास के बाद पांच लाख के लगभग वोटिंग हो पाई थी। उस समय एक संस्था ने प्रचार प्रसार करने का खर्च भी लिया था। अब वोटिंग का कार्य पूरी तरह अलग दिख रहा है। वोटिंग में पूर्व शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महापौर हरिकांत अहलूवालिया ही कमान संभाले हुए हैं। जगह जगह कैंप तो लगवाए जा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन वोटिंग कराने की बजाय फार्म भरवाए जा रहे हैं। शुक्रवार को गांव लिसाड़ी में भाजपाइयों ने स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग कैंप लगाया। इसमें महापौर, दक्षिण से विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी लोगों को जागरूक करते नजर आए। उन्होंने गली मोहल्लों में जनसंपर्क करके वोटिंग के लिए आह्वान किया। इस अवसर पर मनोज खद्दर, प्रवीण अग्रवाल, सुरेंद्र भड़ाना, चैनलाल हरित, राजकुमार बबलू, डॉ. रवि प्रकाश, सुनील, उमा शंकर मुख्य रहे। इसके अलावा डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के निर्देशन में चौ. चरण सिंह विवि के ब्लॉक शास्त्रीनगर आदि स्थानों पर वोटिंग कैंप लगाए गए। विवि के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कैंप में नरेंद्र उपाध्याय, राजीव रस्तोगी, गौरव शर्मा, विनय वाल्मीकि, चिराग, शगुन शर्मा, ओम त्यागी मौजूद रहे।