पेयजल पाइप लाइन टूटने से पानी को तरस रहे क्षेत्रवासी
जल निगम एवं जलकल विभाग एक-दूसरे के पाले में डाल रहे गेंद
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जल निगम द्वारा बिछाई जा रही सीवर लाइन के चलते शहरवासियों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। वहीं, बुढ़ाना गेट इलाके में टूटी पेयजल लाइन को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी नगर निगम का जलकल विभाग और जल निगम एक-दूसरे बताकर पीछा छुड़ाने में लगे हैं।
जल निगम द्वारा इन दिनों सूरजकुंड इलाके में सीवर लाइन डाली जा रही है। इससे पहले बुढ़ाना गेट इलाके में बिछाई गई थी। इंदिरा चौक की तरफ अभी कार्य जारी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सीवर लाइन डालने की शुरूआत से ही पेयजल व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। खोदाई के दौरान पानी की लाइन टूट जाने से आपूर्ति नहीं होने या कम प्रेशर तथा गंदा पानी आने की शिकायत है। सत्यम सिनेमा के सामने सीवर लाइन डाली जा चुकी है परंतु पेयजल लाइन बाधित होने से क्षेत्र में कई दिन से पानी की किल्लत है।
नगर निगम के जलकल विभाग ने यहां पेयजल लाइन को दुरुस्त कराया था परंतु काम पूरा नहीं हो सका। जलकल टीम ने रविवार शाम आपूर्ति बहाल की। जलकल विभाग के अवर अभियंता दुष्यंत कुमार ने बताया कि जल निगम द्वारा डाली जा रही सीवर लाइन के लिए खोदाई में पहले से अंडरग्राउंड पेयजल लाइनों को तोड़ा जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। वहीं, पार्षद संदीप रेवड़ी का कहना है सीवर लाइन के लिए तोड़ी गई सड़क और पेयजल लाइन को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी जल निगम की है। इसके बावजूद ठेकेदार और अधिकारी जिम्मेदारी पूरा नहीं कर रहे हैं।
उधर, जल निगम के सहायक अभियंता बलवीर सिंह का कहना है कि बुढ़ाना गेट क्षेत्र में लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। यदि पेयजल लाइन टूटी है तो इसके लिए जलकल विभाग जिम्मेदार है। वह उसे दुरुस्त कराए। यदि सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़क या पेयजल लाइन टूटती है तो उसे जल निगम ही बनाता है।