भ्रूण हत्या रोकने के लिए मुखबिर योजना का लें सहारा
मेरठ। जिला महिला चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को लैगिंक समानता, घरेलू हिंसा, गर्भपात, लैगिक जाँच, भ्रूण हत्या अधिनियम विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुखबिर योजना का सहारा लेने पर ज़ोर दिया गया।
मुखबिर योजना के नोडल अधिकारी डॉ प्रवीण कुमार गौतम ने बताया कि सरकार द्वारा लैंगिक जाँच व भ्रूण हत्या को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। मुखबिर योजना के अन्तर्गत ईनाम के रूप में धनराशि दी जाती है, ताकि लैगिक जाँच व भ्रूण हत्या को रोका जा सके। इसके लिए समाज को जागरूक होना चाहिए, ताकि समाज से दहेज जैसी कुरीतियों को दूर किया जा सके।
इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी
जागृति अवस्थी ने बताया कि
विधिक जागरूकता कार्यक्रम में जनता को अवगत कराया गया कि समाज में लड़का व लड़की का समान स्थान है, लेकिन आज भी लड़कियों को लडको के समान दर्जा नहीं दिया जाता है। लड़की के पैदा होने पर वह खुशी नहीं मनायी जाती है, जोकि लड़के के पैदा होने पर मनायी जाती है इसलिए समाज को लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिये ताकि इस असमानता के अन्दर को समाप्त किया जा सके। इस दौरान
राज्य महिला आयोग की सदस्य
राखी त्यागी, विनोद शर्मा, श्रीति संगर आदि रहे।