- 12वीं में लिखित परीक्षा 80 और आंतरिक मूल्यांकन के 20 अंक, 10वीं में विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर रहेगा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों के लिए विषयों को समझकर पढ़ना जरूरी होगा। बोर्ड ने आगामी परीक्षाओं के लिए विषयवार मॉडल प्रश्नपत्र जारी कर दिए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी प्रश्नों के स्वरूप, अंक विभाजन और परीक्षा में समय प्रबंधन का अभ्यास कर सकेंगे। शिक्षकों के अनुसार, इस बार इंटरमीडिएट के परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं जबकि हाईस्कूल में प्रश्नों के स्तर पर अधिक जोर दिया गया है।
इंटरमीडिएट में हिंदी और अंग्रेजी विषयों की लिखित परीक्षा अब 100 के बजाय 80 अंकों की होगी। शेष 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के निर्धारित किए गए हैं। वहीं, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे प्रयोगात्मक विषयों में लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी, जबकि प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक 30 से घटाकर 20 किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे विद्यार्थियों को लिखित और प्रयोगात्मक दोनों परीक्षाओं की तैयारी नए अंक विभाजन के अनुसार करनी होगी।
वहीं, हाईस्कूल की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की बजाय प्रश्नों के स्तर पर ध्यान दिया गया है। विज्ञान सहित अन्य विषयों में विश्लेषणात्मक और कूट आधारित प्रश्नों का स्तर बढ़ाया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल तथ्यों को याद करने के बजाय विषयों की अवधारणाओं को समझना होगा। मॉडल प्रश्नपत्रों के अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की प्रकृति को समझकर अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।
मॉडल पेपर से समझें प्रश्नों का स्वरूप
बोर्ड की ओर से जारी विषयवार मॉडल प्रश्नपत्र विद्यार्थियों को परीक्षा के संभावित स्वरूप से परिचित कराएंगे। इनके नियमित अभ्यास से प्रश्नों को हल करने की गति बढ़ाने, अंक योजना समझने और निर्धारित समय में उत्तर लिखने की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। शिक्षक विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मॉडल पेपर हल करने और अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम करने की सलाह दे रहे हैं।
समझकर पढ़ें विद्यार्थी
शिक्षक पंकज शर्मा के अनुसार इंटरमीडिएट में परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। प्रयोगात्मक विषयों में लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए विषयों को समझकर पढ़ना जरूरी है। केवल रटने के आधार पर अच्छे अंक हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शिक्षक राजेश त्यागी ने बताया कि मॉडल प्रश्नपत्र जारी हो चुके हैं। हाईस्कूल में कूट आधारित प्रश्नों का स्तर बढ़ा है, जबकि इंटरमीडिएट में 80 अंक की लिखित परीक्षा और 20 अंक के आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था विद्यार्थियों की समझ विकसित करने में सहायक होगी। विद्यार्थियों को मॉडल पेपर हल करके परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए।
विद्यालयों में मॉडल पेपर का अभ्यास कराएं
जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रकाश शुक्ल ने विद्यालयों को विद्यार्थियों से मॉडल प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मॉडल पेपर विद्यार्थियों को परीक्षा के नए पैटर्न से परिचित कराने में मददगार होंगे। इनके अभ्यास से विद्यार्थी बिना तनाव के परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी कर सकेंगे।