कोच डिस्प्ले बोर्ड नहीं होने से छूट रहीं यात्रियों की ट्रेनें
मेरठ। रेलवे की अनदेखी के चलते ए-श्रेणी के सिटी स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेन के कोच ढूंढने में दिक्कतें आ रही हैं। पिछले कई वर्षों से स्टेशन पर कोच डिस्प्ले बोर्ड लगाने की कवायद चल रही है, लेकिन अभी तक एक भी प्लेटफार्म पर यह सुविधा शुरू नहीं हुई है। जिससे लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में कोच की संख्या अधिक होने से यात्रियों को ट्रेन छूटने का डर रहता है।
पिछले एक वर्ष में डीआरएम, एडीआरएम के निरीक्षण में इस बात को हमेशा शामिल किया जाता है, लेकिन टेंडर का बहाना करके बात टाल दी जाती है। पिछले दिनों स्टेशन पर खराब पड़े कोच डिस्पले बोर्ड को हटाया गया था। लेकिन अभी तक नए बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, इसके अलावा स्टेेशन पर ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए ट्रेन डिस्पले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इस डिस्पले बोर्ड को भी स्टेशन से उतार लिया गया, लेकिन नया बोर्ड नहीं लगाया गया। जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
ये आती हैं दिक्कतें
सिटी स्टेशन से गुजरात, महाराष्ट्र, चेन्नई, राजस्थान आदि प्रमुख राज्यों की ट्रेनें गुजरती हैं। इन एक्सप्रेस ट्रेनों में कोच की संख्या 20 से अधिक होती है। अहमदाबाद से चलकर वाया मेरठ, हरिद्वार को जाने वाली योगा एक्सप्रेस में 25 कोच हैं। इस ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से पहले यात्रियों को कोच का स्थान पूछना पड़ता है। जिससे कई बार यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। वहीं, वृद्धजन, बच्चों के साथ रहने पर यह दिक्कत और बढ़ जाती है। लेकिन इस परेशानी को खत्म करने के लिए रेलवे गंभीर नहीं है।
ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन भी हुई कूड़ा
यात्रियों को टिकट लेने के दौरान लंबी लाइनों से छुटकारा दिलाने के लिए स्टेशन पर ऑनलाइन टिकट वेंडिंग मशीन लगाई गईं थी। सिटी और कैंट स्टेशन पर लगीं यह मशीनें खराब हो चुकी हैं। अधिकारियों के निरीक्षण के समय इन मशीनों पर कर्मचारी तैनात कर दिया जाता है, लेकिन इसके बाद यह फिर काम करना बंद कर देेती हैं। इस तरफ रेलवे का कोई ध्यान नहीं है।
इस मामले में प्रक्रिया चल रही है। अभी कई स्टेशनों पर यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जल्द ही सभी स्टेशनों पर कोच डिस्प्ले सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- सुखमल चंद जैन, डीआरएम, दिल्ली डिवीजन