मेरठ। अंतरराज्यीय सेवा शुरू नहीं होने से यात्रियों को एक राज्य से दूसरे में जाने के लिए कई बसें बदलनी पड़ती हैं। वहीं, परिवहन निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
अनलॉक 1.0 में प्रदेश सरकार ने अंतर जनपदीय रोडवेज बसों का संचालन शुरू करा दिया था। अंतर जनपदीय संचालन में यात्री कम मिलने से रोडवेज को परिवहन संचालन लागत भी नहीं मिल पा रही है। रोडवेज की आय में अंतरराज्यीय सेवा का बड़ा हाथ होता है। इस सेवा के शुरू नहीं होने पर दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान जाने वाले यात्रियों को न केवल कई बसें बदलनी पड़ती हैं बल्कि परेशान भी होना पड़ रहा है। कई बसें बदलने से कोरोना का भी खतरा बढ़ता है। आय के आंकड़ों पर नजर डालें तो मेरठ रोडवेज रीजन को लॉकडाउन से पहले सामान्य दिनों में जहां 90 लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती थी वहीं अब 25 से 30 लाख रुपये आय हो रही है। वहीं आरएम नीरज सक्सेना का कहना है कि अभी अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। इससे यात्रियों कई बसें बदलनी पड़ती हैं। इसलिए वे यात्रा करने से कतरा रहे हैं। इससे निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है।