मेरठ। लॉकडाउन के कारण आर्थिक परेशानी झेलने के बाद अब पब्लिक स्कूल अभिभावकों पर आगामी सत्र की पूरी फीस एक साथ जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। ताकि साल के अंत में फीस बकाया न बचे और स्कूलों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। स्कूलों में इस समय नए सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।
पिछले सत्र में कोरोना के कारण लॉकडाउन लागू होने से स्कूल भी बंद हो गए थे। स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं कराईं, लेकिन अभिभावकों ने आर्थिक परेशानी बताकर फीस भुगतान नहीं किया। बाद में जब स्कूल खुले तब भी कई छात्रों की फीस जमा नहीं हो सकी। इस कारण कई स्कूल तो बंद हो गए। अब स्कूल संचालकों ने सालभर की फीस पहले ही जमा कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। वहीं स्कूलों ने एक साथ भुगतान करने पर छूट का प्रावधान भी किया है। सालभर की फीस एक साथ जमा करने पर कुल फीस में दो से तीन फीसदी की छूट देने का प्रावधान है। इसका लाभ अभिभावकों को दिया जा रहा है।
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डीपीएस, सेंट मेरीज से पहले से है व्यवस्था
डीपीएस, सेंट मेरीज, सोफिया सहित कई स्कूलों में पहले से ही पूरा शुल्क एक साथ जमा कराने का नियम लागू था, लेकिन यह नियम ऐच्छिक था। अभिभावक चाहें तो सालभर की फीस एक बार में जमा कर सकते हैं या चार क्वार्टर की फीस को दो क्वार्टर यानी छमाही में जमा करा सकते हैं। लेकिन अब अधिकांश स्कूल इस नियम को अपना रहे हैं।
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अभी भी बकाया है फीस
सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि शहर में आईसीएसई और सीबीएसई के स्कूलों में अभी भी काफी छात्रों की पिछले साल की फीस का भुगतान शेष है। इस बीच कई छात्रों ने स्कूल छोड़ दिया है तो कई ने स्कूल आना ही बंद कर दिया। हालांकि सहोदय के निर्णयानुसार किसी भी नए छात्र को स्कूल में पुराने स्कूल की एनओसी के बिना प्रवेश नहीं देने का फैसला लिया है।