रविवार को दिल्ली से आने वाली ट्रेन में बैठकर बागपत पहुंची 14 वर्षीय किशोरी सोनू अपने पिता का नाम भीमा व मां का नाम सुंदरी बताया। उसका कहना था कि वह बिहार के बड़ौली गांव की रहने वाली है, लेकिन जनपद का नाम नहीं बता पा रही है।
उसने बताया कि उसके माता-पिता बेरोजगार हैं और उन्हें दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता है। कई दिन से वह भूख से तड़प रही है। उसके माता-पिता काम की तलाश में दिल्ली आए, लेकिन काम न मिलने पर मायूस होकर उन्होंने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सहारनपुर जाने वाली ट्रेन में उसे बैठा दिया।
देर रात वह बड़ौत स्टेशन पर पहुंची तो अकेली किशोरी को देख लोगों ने उसे उतार दिया और कुछ लोगों ने उसे कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। रविवार को किशोरी ने अपनी समस्या बताई। दूसरी तरफ कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि किशोरी को सोमवार को कोर्ट में पेश कर नारी निकेतन भेजा जाएगा।