सीबीएसीई 12वीं के टॉपर्स को अमर उजाला कार्यालय में सम्मानित किया गया तो उनके चेहरे खिल उठे। मोहकमपुर कार्यालय में टॉपर्स ने केक काटकर अपनी खुशी को साझा किया। इस दौरान सभी ने सफलता का मूलमंत्र और अनुभवों को बयां किया। सभी यही बोले कि पैरेंट्स के सपोर्ट से ही ये मुकाम पाया। पैरेंट्स ने भी अपने दिल की बात रखी। कोई दो दिन से बच्चों के साथ उनके नंबर जोड़ने में लगा था तो कोई सुबह से कामकाज छोड़कर इंतजार में था कि रिजल्ट आए तो बच्चों को चैन मिले।
शहर के बेटे-बेटियों ने इस बार देहरादून रीजन के साथ ही देश में भी टॉप थ्री में जगह बनाई। ऐसे में होनहारों की खुशी में शामिल होकर अमर उजाला ने सभी को कार्यालय बुलाकर केक कटवाया तो सबकी खुशी दोगुनी हो गई। टॉपर्स बच्चों ने एक-दूसरे का परिचय लिया तो वहीं, पैरेंट्स अपने समय की बातें करने लगे। किसी पैरेंट्स ने बताया कि हमारे वक्त में तो 60 फीसदी पर हल्ला मच जाता था तो कोई अपने सेकेंड क्लास आने पर मिठाई बांटने के किस्से बताने लगा। बच्चों के इतने नंबर आने पर हर कोई फूला नहीं समा रहा था।
टॉपर्स ने भी अपने दिल की बात खुलकर रखी। बताया कि पैरेंट्स ने जबरन कोई सब्जेक्ट लेने पर मजबूर नहीं किया। जो स्ट्रीम वे लेना चाहते थे, पैरेंट्स ने वही दिलाया। यही कारण है कि हम टॉपर्स की सूची में आ गए। टॉपर्स अनन्या, रितिका, आस्था, रिति, वेदांशी, विपुल, आयुषी, माही, विधान, कार्तिक, दिव्यांशी, मौलिक और नैंसी गोयल अपने पैरेंट्स के साथ पहुंचे।
पेपर आउट होने की टेंशन भी थी
टॉपर्स ने बताया कि इकॉनोमिक्स का पेपर आउट होने पर टेंशन भी हुई कि अब फिर से पेपर देना पड़ेगा। लेकिन फिर बाद में ओर ज्यादा मेहनत करके पेपर दिया। दूसरी बार पेपर पहले से भी अच्छा हो गया। बेटी दिव्यांशी के साथ पहुंची कैश कॉलेज की शिक्षिका रितु केला हों या बेटी आस्था के साथ पहुंची केएल इंटरनेशनल की शिक्षिका सोनिया बंसल। सबने बताया कि बेटियों ने इस सफलता को पाने के लिए बहुत मेहनत की। टॉपर्स के पापा ने बताया कि कई दिन से ठीक से नींद भी नहीं आ रही थी, बेटियां बार-बार यही बोल रहीं थी कि पापा टेंशन मत लीजिए। नंबर ठीक आएंगे।