मेरठ। कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम को नाबालिग घोषित कराने का मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। इस मामले में सुनवाई 10 मार्च को होगी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट की रुलिंग का हवाला देते हुए हाईस्कूल की मार्कशीट के आधार पर पारस को नाबालिग घोषित करने की मांग की है।
पारस सोम को रुड़की रेलवे स्टेशन पर शनिवार को पकड़ा गया था। पुलिस ने रूबी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। आरोपी पारस को न्यायालय में पेश कर जिला कारागार भेजा गया। पारस के परिजनों की अर्जी पर यह प्रकरण अब किशोर न्याय बोर्ड में है। बोर्ड ने पारस का हाईस्कूल रिकॉर्ड भी तलब किया है। अधिवक्ताओं के अनुसार हाईस्कूल की मार्कशीट अहम है।
पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा
कपसाड़ कांड की जांच सीओ सरधना आशुतोष कुमार कर रहे है। कुछ साक्ष्य पुलिस जुटा नहीं सकी है। जिसके चलते विवेचक ने पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी कोर्ट में डाली है। जिस पर सुनवाई सात मार्च यानि आज होनी है।
जेल में कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए जताई इच्छा
जेल में पारस सोम ने कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाॅ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आरोपियों का ध्यान अपराध से हटाने के लिए जेल में कई तरीके के कोर्स चल रहे है। नया बैच जब शुरू होगा तो पारस को भी उसकी इच्छा अनुसार कोर्स कराया जाएगा।