औघड़नाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्र में पैरामिलेट्री और सेना की निगरानी में जलाभिषेक हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सेक्टरों में बांटकर करीब 1300 जवानों को सुरक्षा में लगाया गया था। वहीं सेना की पांच और आरएएफ की दो क्यूआरटी भी मूवमेंट में रही।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी, एसपी सिटी रणविजय सिंह और एएसपी सतपाल सिंह सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहे। 12 सेक्टरों में बांटकर ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें तीन एडिशनल एसपी, छह सीओ, 10 थाना प्रभारी/इंस्पेक्टर, 50 दरोगा, 250 सिपाही, एक कंपनी आरएएफ, एक कंपनी एसएसबी लगाई गई थी। बुधवार रात जहां आरएएफ तैनात थी, वहीं सुबह को आरएएफ की एक कंपनी को उल्देपुर गांव में युवक की हत्या के बाद भेज दिया। जिसके बाद दिन में सुरक्षा की कमान एसएसबी ने संभाली। शाम को फिर से आरएएफ की दूसरी कंपनी भी बुला ली गई। इस दौरान खुफिया विभाग की टीम भी अलर्ट रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर परिसर में बनाए गये कंट्रोल रूम से निगरानी की गई वहीं ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई। क्राइम ब्रांच की टीम को भी कांवड़ियों के वेश में तैनात किया गया था।
सड़क से हटवाए वाहन
मंदिर परिसर के करीब एक किमी क्षेत्र में नौ स्थानों पर बैरियर लगाकर रोक दिया गया था, लेकिन बीच में कुछ स्थानों पर सड़क पर ही अवैध तरीके से वाहन खड़े कर दिए गए। शाम को एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने सख्ती करते हुए सड़क से वाहनों को हटवाया। वहीं शाम चार बजे से ही कांवड़ियों की लाइन जलाभिषेक के लिए लगनी शुरू हो गई।