पेपर आउट करने वाले आरोपियों से पूछताछ करती पुलिस
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पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर का पेपर आउट होने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। भर्ती बोर्ड ने भी मामले में जांच बैठा दी है। गिरोह के फरार सरगना विक्रांत उर्फ अरविंद की तलाश में कई टीमें लगी हैं। इस मामले में स्कूल की भूमिका भी कठघरे में हैं।
बृहस्पतिवार को मवाना रोड के चार स्कूलों में पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर की परीक्षा थी। यहां 3833 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे। एक स्कूल के सामने कार में पूजा, प्रियंका और अर्पित बैठे थे। पेपर में आए सवालों के जवाब लैपटॉप पर तलाश करने के बाद व्हाट्सएप पर भेज रहे थे। इन्हें पेपर भी व्हाट्सएप से मिला था। क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर तीनों को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर फर्जी तरीके से पेपर देते अनुज तालियान को भी दबोच लिया था।
ऑनलाइन पेपर आउट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने की जानकारी लगने पर लखनऊ भर्ती बोर्ड में खलबली मच गई। शुक्रवार को भर्ती बोर्ड ने मेरठ पुलिस से बात की और जांच बैठा दी। साथ ही एक टीम मेरठ के लिये रवाना कर दी। पुलिस ने आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल को सीबीआई को भेजने की तैयार कर ली है। इंस्पेक्टर गंगानगर एके सिंह ने बताया कि विक्रांत उर्फ अरविंद राणा निवासी बागपत की तलाश में दबिशें जारी हैं। दोनों युवती और दोनों युवकों को जेल भेजा है।
इनको भेजा जेल
1. पूजा पूनिया पुत्री विक्रम सिंह निवासी न्यू सैनिक विहार अनूप नगर कंकरखेड़ा
2. प्रियंका यादव पुत्री श्याम सिंह यादव निवासी ऋषिनगर बागपत रोड कंकरखेड़ा
3. अनुज तालियान पुत्र अशोक कुमार निवासी छूर सरधना
4. अर्पित पुत्र मदन सिंह निवासी छूर सरधना
सरगना को पहले जेल भेज चुकी एसटीएफ
फरार सरगना विक्रांत उर्फ अरविंद बागपत का निवासी है। पेपर आउट करने के मामले में एसटीएफ ने करीब दो साल पहले विक्रांत को जेल भेजा था। जेल से छूटने के बाद विक्रांत ने दोबारा अपना गिरोह तैयार किया और फिर पेपर आउट कराने में जुट गया।