मेरठ। पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले ही गांव चुनावी अखाड़ा बने हुए हैं। प्रधानी हासिल करने के लिए युवाओं को अपने पाले में करने के लिए भावी उम्मीदवारों द्वारा खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित कराई जा रही हैं। इनमें क्रिकेट, कबड्डी, दौड़, वालीबॉल आदि स्पर्धाओं के जरिये चुनावी गणित साधा जा रहा है।
पंचायत चुनाव की आहट ने ग्रामीण इलाकों की तासीर बदल दी है। अब तक गांवों की बैठकों और चौपालों तक सीमित रहने वाली राजनीति अब खेल के मैदानों में पसीना बहा रही है। आलम यह है कि जो दिग्गज कभी गांवों की गलियों में नहीं दिखते थे, वे आज युवाओं के साथ हाथ मिलाते और कबड्डी-क्रिकेट के आयोजनों में फीता काटते नजर आ रहे हैं। जिले के गांवों में इन दिनों कबड्डी, क्रिकेट, कुश्ती, दौड़ आदि जैसी प्रतियोगिताओं की बाढ़ सी आ गई है। इन आयोजनों के पीछे खेल भावना के साथ शक्ति प्रदर्शन भी किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह जनसंपर्क का सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका है। खेल आयोजनों के माध्यम से संभावित दावेदार एक ही समय में हजारों लोगों तक अपनी पहुंच बना लेते हैं और अपनी छवि एक विकास प्रेमी और युवा समर्थक नेता के रूप में पेश करते हैं।
युवाओं को रिझाने के लिए इनामों की बारिश
पंचायत चुनाव में हार-जीत का फैसला करने वाले युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए दावेदार न केवल प्रतियोगिताओं को प्रायोजित कर रहे हैं, बल्कि आकर्षक इनामों की झड़ी भी लगा दी है। खेल प्रतियोगिताओं की विजेता टीमों के लिए 11 हजार से लेकर 51 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। साथ ही क्रिकेट किट, ट्रैक सूट और जूतों का वितरण भी हो रहा है। प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में मिक्सर-ग्राइंडर, पंखे जैसे उपहार भी दिए जा रहे हैं। कुश्ती प्रतियोगिता के विजेता को देशी घी तक इनाम में मिल रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हो रही डिजिटल ब्रांडिंग
मैदान पर होने वाले हर छक्के या कबड्डी की हर रेड की लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही है। दावेदारों की डिजिटल टीमें इन वीडियो को भविष्य के प्रधान और जन-जन के लाडले जैसे टैग्स के साथ वायरल कर रही हैं। यह रणनीति खासकर उन प्रवासी मतदाताओं को साधने के लिए है जो चुनाव के समय ही गांव लौटते हैं। युवाओं में ये खेल प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।
बयान
चुनाव से पहले खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित होने से युवाओं का आकर्षण उनमें बढ़ रहा है। प्रतियोगिता जीतने पर नकद धनराशि व अन्य पुरस्कार मिलने से युवा गदगद हो रहे हैं।
- मनोज शर्मा, निवासी गोविंदपुरी ग्राम
बड़ी राजनीति की तरह ही पंचायत चुनाव में प्रलोभन का दौर चल रहा है। चुनाव के समय होने वाली खेलकूद प्रतियोगिता युवाओं के भविष्य के लिए वरदान भी साबित होती है।
- समीर त्यागी, निवासी ग्राम कौल खरखौदा