एक दलित किशोरी से पड़ोस के गांव के दो युवक करीब चार माह से गैंगरेप करते रहे। किशोरी के गर्भवती होने पर इसका खुलासा हुआ। किशोरी के परिजनों ने पुलिस से शिकायत करनी चाही तो आरोपी पक्ष ने दोनों गांवों के लोगों की पंचायत बुलाकर चुप रहने का दबाव डाला।
पंचायत में किशोरी की इज्जत की बोली तीन लाख रुपये लगा दी गई। दो लाख रुपये मौके पर दे दिए गए और एक लाख रुपये गर्भपात कराने के बाद देने की बात कह दी गई। उधर, एएसपी ने तहरीर न मिलने की बात कहकर मामला टाल दिया।
पंचायत में मौजूद रहे ग्रामीणों के अनुसार खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी अपने परिजनों के साथ प्रतिदिन पड़ोस के ही गांव में मजदूरी करने जाती थी। जहां उस गांव के दो युवकों ने चार माह पहले किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया था।
आरोपियों ने इस दौरान किशोरी की वीडियो क्लिप भी बना ली थी। बाद में किशोरी जब भी मजदूरी करने जाती तो आरोपी युवक वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। पीड़ित किशोरी ने इस मामले में इज्जत की खातिर परिजनों को नहीं बताया। जब किशोरी तीन माह की गर्भवती हुई तो परिजनों ने उससे सख्ती से पूछा तो किशोरी ने सारा घटनाक्रम बताया।