जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा की सीमा प्रधान और भाजपा के कुलविंदर के बीच सीधा मुकाबला था। पूर्वाह्न 11 बजे मतदान शुरू हुआ। सबसे पहले भाजपा प्रत्याशी कुलविंदर ने मतदान किया। इसके बाद सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान और उनके साथ आई सुमन भदौड़ा व डॉ. मनोज अधाना ने वोट किया। फिर थोड़े-थोड़े अंतराल पर सदस्यों का आना जारी रहा। सपा के सदस्य पांच ग्रुप में वोट डालने में पहुंचे।
सबसे पहले तीन, फिर दो, पांच, छह और सबसे अंत में दो सदस्य आए। सबसे अंत में नवाजिश मंजूर और शमशाद वोट डालने पहुंचे। इन दोनों ने ढाई बजे वोट किया। जबकि, भाजपा खेमे से प्रत्याशी कुलविंदर जहां अपना वोट डालने अकेले ही पहुंचे, तो दूसरी बार में नौ सदस्य साथ आये और उसके बाद छह सदस्य एक साथ पहुंचे।
चार बजे आया परिणाम
अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे मतगणना शुरू हुई और चार बजे चुनाव परिणाम घोषित किया गया। इसमें सीमा प्रधान को 18 और कुलविंदर को 16 वोट मिले। सीमा दो वोटों से विजयी होकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुईं। इसके साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी पंकज यादव ने बचत भवन में सीमा प्रधान को निर्वाचन का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इस दौरान एडीएम प्रशासन दिनेश चंद और पर्यवेक्षक मधुकर गोडबोले मौजूद रहे।
दोनों तरफ से क्रॉस वोटिंग के दावे
मतदान से लेकर मतगणना तक मतदाताओं की चुप्पी और क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा इस कदर थी कि दोनों ही गुट अपनी जीत के लिए पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे थे। चुनाव परिणाम आने के बाद जीत हासिल करने के बाद भी सपा खेमा जहां तीन वोट क्रॉस होने की बात करता रहा, तो भाजपा ने हार के बाद दावा किया कि उसके सात वोट क्रॉस हुए हैं।