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जिला पंचायत सदस्य की तलाश में पुलिस की दबिश

Wed, 06 Jan 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पुलिस ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। एक सदस्य के बंधक बनाने की सूचना पर पुलिस फोर्स ने पहले बसपा के पूर्व विधायक के पल्लवपुरम स्थित आवास पर दबिश दी। उसके बाद भाजपा नेता और जिपं सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला के घर धावा बोल दिया। घर में घुसने को लेकर पुलिस अफसरों की मीनाक्षी के पति सतेंद्र भराला से तीखी नोकझोंक हो गई। चेतावनी के बाद पुलिस फोर्स लौट गई। हालांकि इस पूरे प्रकरण पर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
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रात में पुलिस अफसरों को सूचना मिली कि भाजपा नेता सतेंद्र भराला और उनकी पत्नी जिपं सदस्य मीनाक्षी भराला के मकान में जिला पंचायत सदस्य को बंधक बना रखा है। जिसकी सूचना पर सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार कंकरखेड़ा, पल्लवपुरम और दौराला थाने की पुलिस के साथ सबसे पहले पल्लवपुरम फेस-वन में रह रहे बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा के मकान पर पहुंचे। भारी संख्या में फोर्स और पुलिस की गाड़ियों का हूटर बजता देखकर योगेश वर्मा मकान के बाहर आ गए।

जैसे ही योगेश वर्मा ने उनके आने का कारण पूछा तो पुलिस अफसर चुप्पी साध गए। पूर्व विधायक से कहा कि उन्हें गलत जानकारी मिली थी। जिस मकान पर उन्हें जाना था, यह वह मकान नहीं है, वह गलती से आ गए हैं।
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करीब पांच मिनट बाद ही फोर्स ओ पॉकेट में डॉ. मीनाक्षी भराला के मकान पर पहुंच गई। पुलिस ने मीनाक्षी के पति सतेंद्र से कहा कि आपने जिपं की एक वोट को बंधक बना रखा है। मकान की तलाशी लेनी है। इस पर सतेंद्र भड़क गए और सत्ता के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सर्च वारंट दिखाओगे तो तलाशी लेने दूंगा। गैरकानूनी ढंग से मकान में घुसे तो अंजाम बुरा होगा।

काफी देर तक सतेंद्र भराला और पुलिस में नोकझोंक चलती रही। पुलिस ने जबरन घुसने की कोशिश की तो सतेंद्र ने भाजपा के अन्य नेताओं क ो फोन पर जानकारी दे दी। भाजपा नेताओं के पास जानकारी पहुंचने पर पुलिस करीब 15 मिनट बाद लौट गई। सतेंद्र भराला ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता के दबाव में कार्रवाई कर रही है। बिना सर्च वारंट उन्होंने अपने मकान में पुलिस को नहीं घुसने दिया।
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