महिला नसीमा बेगम के पति शब्बीर हसन व नसरीन बीबी के पति नियामत अली ने बताया कि निकाह के बाद उनकी पत्नियां दीर्घकालिक वीजा पर रही थीं। कुछ कानूनी दिक्कतों के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिल पायी थी। हर बार महिलाओं के वीजा को कुछ वर्षों के लिए बढ़ा दिया जाता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और भारतीय नागरिकता लेने के लिए लगातार कोशिश करते रहे। इस दौरान उन्हें दिल्ली व लखनऊ के कई चक्कर लगाने पड़े। आखिरकार निकाह के करीब साढ़े तीन दशक बाद उन्हें भारतीय नागरिकता मिल ही गई। दोनों महिलाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके भी आम भारतीय की तरह आधार कार्ड व वोटर आईडी कार्ड बन जाएंगे तथा वह दोनों भी औरों की तरह वोट डाल पाएंगी।
एसडीएम पीएस राणा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में दोनों महिलाओं को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र सौंपे। प्रमाणपत्र पाकर दोनों महिलाओं व उनके पतियों ने खुशी जाहिर करते हुए मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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