इन पोस्टों को व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी शेयर किया गया। ठीक लगभग एक माह बाद इसी तरह नोएडा में अफवाह फैलाने वाले एक्स हैंडल से 10 मई को रात लगभग 07:39 बजे 28 सेकंड का वीडियो उसी एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया।
इसमें धार्मिक स्थलोें को गिराने, घरों और लोगों को जलाने के अलावा मुख्यमंत्री का नाम लिखकर भी झूठी बात लिखी गई। कई लोगों ने इसे शेयर भी किया। मेरठ पुलिस ने भी एक्स हैंडल पर इसका खंडन करते हुए इसे पोस्ट करने वाले पर प्राथमिकी दर्ज करने की जानकारी दी।
एक्स हैंडल संचालक लोगों को गुमराह करने के लिए अपनी लोकेशन साउथ एशिया लिखता है। हालांकि पाकिस्तान भी साउथ एशिया में है। हालांकि पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि एक्स हैंडल पाकिस्तान से संचालित है।
इन धाराओं में दर्ज की गई प्राथमिकी
साइबर अपराध थाने में उपनिरीक्षक विशाल कुमार की तहरीर पर एक्स हैंडल संचालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 353 और सूचना प्रौधोगिकी अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह धारा किसी वर्ग या समुदाय के व्यक्तियों को किसी अन्य वर्ग या समुदाय के विरुद्ध कोई अपराध करने के लिए उकसाने और आपत्तिजनक व भड़काऊ पोस्ट करने पर लगाई जाती है।
सोशल मीडिया अकाउंटों की जांच शुरू
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर की एक टीम इस तरह के सोशल मीडिया अकाउंट की जांच के लिए लगा दी गई है। इनमें ऐसे अकाउंट को चिहिन्त किया जा रहा है, जो जातिगत और सांप्रदायिक भेदभाव पैदा करते हैं। इन पर कड़ी कार्रवाई होगी। - अविनाश पांडेय, एसएसपी मेरठ