- पुलवामा में हमले से पहले ही पाकिस्तानी सेना को किया गया था मोबिलाइज
- अभिनंदन के पिता के साथ रहे रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल नारंग बोले, पिता भी बेहतरीन अफसर
भारतीय वायु सेना ने जो एयर स्ट्राइक की, उससे पाकिस्तान को पता चल गया कि हम क्या कर सकते हैं। विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर पाकिस्तान पर भारी दबाव है। सेना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह इतने दबाव में है कि वह कुछ नहीं कर सकता है। यह कहना है कि वायु सेना में विंग कमांडर अभिनंदन के पिता के साथ रह चुके रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल विनोद कुमार नारंग का।
एयर वाइस मार्शल नारंग बताते हैं कि साल 2011 में वह और अभिनंदन के पिता दिल्ली वायु सेना हेडक्वार्टर में एक साथ रहे हैं। अभिनंदन जितने बेहतरीन अफसर हैं, उनके पिता भी उतने ही अच्छे अफसर रहे हैं। नारंग कहते हैं कि पाकिस्तान को यह समझ में आ गया कि उसके तमाम अलर्ट के बावजूद भी हमारी वायु सेना ने उसके रडार, मिसाइल सिस्टम को जैम करके 80 किलोमीटर घुसकर स्ट्राइक की। ऐसे में उसे पता चल गया कि अगर कोई गलती की तो उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। यह भी हमारे जांबाजों ने तब किया जबकि पाकिस्तान ने सात फरवरी को ही अपनी आर्मी और एयर फोर्स को युद्ध के लिए एकत्रित (मोबिलाइज) किया था। उसने ऐसा जानबूझकर किया। उसको पता था कि 14 फरवरी को हमले के बाद भारत इस पर रिएक्शन करेगा। ऐसे में वह सात फरवरी से ही पूरी तरह से तैयार थे। इसके बाद भी भारतीय सेना ने चेतावनी देकर इतनी बड़ी एयर स्ट्राइक की कि पाकिस्तान अवाक रह गया।
एयर वाइस मार्शल नारंग के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव की बात करें तो पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गया है। तमाम देशों के अलावा चीन ने पहली बार चेतावनी दी कि सुधरना पड़ेगा। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इस्लामिक राष्ट्रों के संगठन ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को गेस्ट ऑफ ऑनर देने के लिए आमंत्रित किया है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से धराशायी है। पाकिस्तान के पास कोई रास्ता नहीं बचा है। भारत इस बीच एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है। पाकिस्तानी सरकार पर वहां राजनीतिक रूप से इतना दबाव है कि वह गीदड़ भभकी दिए बिना नहीं रह सकता है। भारत सरकार ने भी चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के भीतर हमारे पायलट को सुरक्षित रिहा करे। यही कारण है कि पाकिस्तान बैकफुट पर है। भारत की सैन्य शक्ति के सामने पाकिस्तान कभी नहीं टिका। चारों युद्ध इसका उदाहरण हैं।