शहर में लगने वालीं 12 साप्ताहिक पैंठ जिला प्रशासन के गले की फांस बन गयी है। हाईकोर्ट ने करीब साढ़े तीन माह पहले इन्हें मुख्य मार्गों से हटाकर खुले मैदान में लगवाने का आदेश जिलाधिकारी को दिया था। लेकिन वह अभी तक भी इस आदेश का पालन नहीं करा पाये हैं। प्रशासन और नगर निगम के बीच फुटबाल बने इस मुद्दे पर अब कोर्ट की अवमानना का मामला सीधे-सीधे जिलाधिकारी के विरुद्ध बन गया है। हालांकि एक बार फिर जिला प्रशासन ने गेंद नगर निगम के पाले में डाली है।
ये है मामला
शहर में मुख्य मार्गों और बाजारों में साप्ताहिक पैंठ लगती हैं। विभिन्न दिवसों में आयोजित होने वाले इन पैंठ बाजार को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि इन पैंठ बाजारों के कारण रास्ता जाम होता है जो जनता को असुविधा देता है। इस पर हाईकोर्ट ने 11 मई को डीएम को इन साप्ताहिक पैंठ बाजारों को खुले स्थलों, मैदानों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
ये हुई अब तक कार्रवाई
डीएम ने कोर्ट का आदेश आते ही नगर निगम को पैंठ बाजार खुले मैदान में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। लेकिन नगर निगम इस आदेश को दबाकर बैठ गया। इसके बाद डीएम ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए 5 जून को बैठक बुलायी। जिसमें एडीएम सिटी, एसपी सिटी, एमडीए सचिव और नगर आयुक्त को बुलाया गया। लेकिन बैठक में एमडीए सचिव और नगर आयुक्त स्वयं उपस्थित नहीं हुए और अपने प्रतिनिधि भेज दिए। इस बैठक में डीएम ने आदेश दिया कि नगर निगम और एमडीए संयुक्त रुप से इन पैंठ बाजारों को स्थानांतरित कराएं। जिसके लिए शहर के बीच में लगने वाली हापुड़ रोड वाली मुख्य पैंठ को नौचंदी मैदान में शिफ्ट करने की बात कही गयी थी। लेकिन इस आदेश पर भी कुछ नहीं हुआ।
अवमानना का नोटिस जारी
नियमानुसार हाईकोर्ट के आदेश का तीन माह में पालन हो जाना चाहिए। लेकिन इस आदेश को साढ़े तीन माह से ज्यादा हो चुका है। जिसके चलते 16 अगस्त को लोकेश खुराना ने उच्च न्यायालय की अवमानना का नोटिस डीएम को भेज दिया है। इस नोटिस पर एक बार फिर डीएम की तरफ से एडीएम प्रशासन दिनेश चंद ने नगर आयुक्त को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
सीधे डीएम जिम्मेदार
हाईकोर्ट ने पैंठ बाजारों को हटाने के लिए जो आदेश जारी किया है। उसमें जिलाधिकारी को निर्देशित किया है। ऐसे में आदेश का पालन न होने पर सीधे-सीधे जिलाधिकारी ही अवमानना के लिए जिम्मेदार बन रहे हैं।