गंगनहर के तेज बहाव में पीएसी के गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम भी मात खा गई। सलावा गंगनहर के पास रविवार तड़के गिरी ब्रेजा कार को तलाशने में पीएसी और एनडीआरएफ टीम कामयाब नहीं हुई। पुलिस अफसर जहां लगातार कहते रहे कि कार गिरी है। हादसा हुआ है कुछ मौके का सीन ऐसा था, जिससे देखकर लगा कि कार गिरी। लेकिन कुछ लोग मानने को तैयार नहीं थे। वहीं, एनडीआरएफ और पीएसी के गोताखोरों ने सुबह से शाम तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन कार का सुराग नहीं लगा था।
रविवार तड़के 3:45 बजे मुरादनगर की तरफ से तेज रफ्तार कार हरिद्वार की तरफ जा रही थी। ब्रेजा कार के पीछे और आगे भी कार थी। जिसके बाद दिल्ली निवासी रोहिताश्व ने पुलिस को सूचना दी कि अचानक से ब्रेजा कार के चालक ने ब्रेक लगाए। उस समय कार की स्पीड करीब 130 से 140 किमी प्रति घंटा की रही होगी। जिसके बाद कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। यूपी 100 पुलिस, एसओ सरधना धमेंद्र सिंह और खतौली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। रविवार सुबह सवा पांच बजे एसपी देहात अविनाश पांडेय और सीओ सरधना पंकज सिंह भी पहुंच गये। एसपी देहात और सीओ ने मौके का सीन देखकर माना कि कार गंगनहर में गिरी है।, मौके पर कार का बंपर और लाइट भी टूटी हुई मिली।
रविवार को ही पीएसी के गोताखोरों को सर्च के लिए लगाया गया। रविवार शाम को एनडीआरएफ बुलाई गई। सोमवार को एनडीआरएफ टीम नहीं आ सकी थी। जबकि मंगलवार को दोनों टीमों ने सर्च अभियान चलाया। जिस जगह कार गिरी, वहां से 700 मीटर की दूरी पर मुरादनगर की तरफ झाल है। ऐसे में कार झाल पार नहीं कर सकती। लेकिन एनडीआरएफ ने सीओ से कहा कि एक किमी तक सर्च किया गया है। यहां कोई गाड़ी नहीं गिरी। पुलिस का कहना है कि जिस जगह कार गिरी, वहां नहर की चौड़ाई करीब 85 से 90 मीटर है और पानी की गहराई 14-15 फीट रहती है। पानी का बहाव तेज रहता है।
दो घंटे में ही सफलता
सीओ पंकज सिंह का कहना है कि मुरादनगर से मुस्तकीम, सनव्वर, अहसान और मोमीन गोताखोरों को बुलाया गया था। चारों बुधवार दोपहर 12 बजे लगे थे। जिस चुंबक (मैगनेट) को मुस्तकीम छोड़ता था उसका वजन 1.3 किग्रा था। पानी के बहाव की दिशा में ट्यूब पर बैठकर देसी तरीके से तलाश किया। दो घंटे में ही कार बरामद कर ली गई।
100 मीटर दूर सीधी मिली कार
सीओ पंकज सिंह अनुसार कार जिस जगह गिरी थी वहां से करीब 100 मीटर दूर कार मिली। जिस दिशा में पानी का बहाव है, उसकी दिशा में कार करीब सौ मीटर दूर पहुंच गई। कार के पहिए धंसे हुए थे और कार सीधी थी। जब चुंबक कार पर चिपक गई तो गोताखोर अहसान ने जैसे ही डुबकी लगाई तो वह सीधे कार तक पहुंच गया। बताया कि कार यहीं है और सीधी है।