सीएचसी में मंगलवार को नसबंदी कराने आईं महिलाएं पांच घंटे से अधिक समय तक बेहोशी की हालत में पड़ी रहीं, लेकिन आपरेशन करने के लिए चिकित्सक नहीं पहुंचा। इसके चलते महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। परिजनों ने सीएचसी स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दी है।
सीएचसी पर आज सुबह आशाएं अपने-अपने क्षेत्र से महिलाओं को लेकर नसबंदी कराने पहुंचीं। इनमें रामतलैया निवासी नजराना पत्नी मेराजुद्दीन, रिजवाना पत्नी जान मोहम्मद निवासी मढ़ियाई, शमा पत्नी इरशाद निवासी रामतलैया सरधना, अमरीता पत्नी भोज सिंह निवासी भाटवाड़ा, शबाना पत्नी जाहिद निवासी रामतलैया शामिल थीं। महिलाओं का कहना है कि सीएचसी कर्मचारियों ने उनसे कहा था डॉक्टर के आते ही आपरेशन किया जाएगा। तब तक बेहोशी की दवाएं दी जा रहीं हैं। इंजेक्शन लगने के बाद पांचों महिलाएं बेहोश हो गईं। करीब पांच घंटे बाद इन्हें होश आया। महिलाओं को पता चला कि डॉक्टर के नहीं आने के कारण उनका ऑपरेशन ही नहीं हुआ। उन्होंने सीएचसी प्रभारी से आपरेशन होने के बारे में पूछा तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। महिलाओं ने इस बात को लेकर हंगामा किया जब डाक्टर अनुपस्थित थे तो उन्हें इंजेक्शन क्यों लगाया गया। पांच घंटे तक उन्हें सीएचसी के फर्श और बेंच पर लिटाए रखा गया। महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि वे उच्च अधिकारियों से मामले की शिकायत करेंगी। इस तरह का कृत्य पूरी तरह अनुचित है।
सीएचसी में मंगलवार को अवकाश था। वहीं, नसबंदी करने वाले चिकित्सक डॉ. बीर सिंह का मेरठ स्थित जिला अस्पताल में अटैचमेंट किया गया है। इसी कारण नसबंदी नहीं कराई जा सकी। महिलाओं को दोबारा आने के लिए कहा गया है। - डॉ. श्रीराम प्रेमी, सीएचसी प्रभारी, सरधना।