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Meerut News: हाईवे- बाईपास के किनारे कालोनियों के मालिकों को लेनी होगी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनुमति

Wed, 03 Jul 2024 01:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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शामली। हाईवे-एक्सप्रेसवे, बाईपास के किनारे आवासीय काॅलोनी, औद्योगिक प्रतिष्ठान विकसित करने के लिए भूमि मालिकों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी। इसमें विकसित कालोनियों को चिह्नित कर जिला पंचायत और विकास प्राधिकरणों की वैध/अवैध काॅलोनियो का मिलान कर नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में दिल्ली-शामली, सहारनपुर, मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा हाईवे और बाईपास गुजर रहे हैं। हाईवे और बाईपास सीमा की आठ से लेकर दस किमी सीमा क्षेत्र में कृषि भूमि में सैकड़ों से ज्यादा काॅलोनियां खड़ी हो गई है। हाईवे और बाईपास के किनारे काॅलोनियांं विकसित होने के बाद वाहनों से हादसाें की संभावना भी बन गई है।
इसी को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली के सड़क परिवहन मंत्रालय ने जारी आदेश में कहा कि हाईवे और बाईपास के किनारे आवासीय काॅलोनियों को विकसित करने से पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली से अनुमति लेनी होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के इंजीनियर अंकुर आनंद ने बताया कि वर्ष 2020 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्ली की ओर कानून बनाया था। अब हाईवे- बाईपास के किनारे कालोनियों को चिह्नित कर सूची तैयार कराई जाएगी। उसके बाद मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय से वैध और अवैध काॅलोनियो की सूची तलब कर नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में डीएम शामली रविद्र सिंह से मुलाकात करके पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।
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हरित पट्टी तक भूमि नहीं छाेड़ी
जिले में हाईवे और बाईपास के दोनों ओेर 150- 200 काॅलाेनियां विकसित हो चुकी है। पानीपत-खटीमा हाईवे पर कैराना यमुना पुल से लेकर बुटराड़ा और मेरठ करनाल हाईवे पर बिड़ौली यमुना पुल से लेकर सिंंभालका बाईपास तक, दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे पर बलवा से लेकर सिक्का गांव तक आवासीय काॅलोनी विकसित हो चुकी है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के जेई अंबरीश चौहान ने बताया कि शामली में बाईपास के किनारे उनके यहां एक काॅलोनी ने अनुमति ली है। शामली महायोजना 2031 में शामली बाईपास के किनारे 100- 100 मीटर हरित पट्टी भूमि का प्रावधान रखा गया है। दूसरी ओर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नईम अख्तर ने बताया कि उनके यहां से सिर्फ 10-15 काॅलोनी के लिए अनुमति ली गई है।
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