- विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मेरठ कॉलेज में विद्यार्थियों को सिखाईं मनोवैज्ञानिक तकनीकें
मेरठ। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मेरठ कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की मनोविज्ञान परिषद और संकल्प मेंटल हेल्थ ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें विद्यार्थियों को तनाव और कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न मनोवैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ उनका अभ्यास भी कराया गया।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय परिवार, शिक्षकों और भरोसेमंद लोगों से खुलकर बात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. मंजू खोकर ने की। मुख्य वक्ता प्रो. मंजू खोकर ने कहा कि कठिन परिस्थितियां स्थायी नहीं होतीं और जीवन में बदलाव निरंतर होता रहता है। । प्रो. भगत सिंह ने विद्यार्थियों को रिलैक्सेशन तकनीक का अभ्यास कराया। प्रो. अनिता मोरल ने बताया कि मानसिक संकट कई कारणों से जुड़ा हो सकता है। निराशा, असहायता की भावना, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, पारिवारिक या संबंधों से जुड़े संघर्ष और परिस्थितिजन्य दबाव इसके कारकों में शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में डॉ. दिग्विजय सिंह, प्रो. आभा अवस्थी, डॉ. मुकेश सेमवाल, प्रो. एसके पुंडीर, डॉ. मेघा सहित शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।