संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। महानगर की विद्युत व्यवस्था को संभाल रहे संविदाकर्मियों में समय पर वेतन नहीं मिलने से आक्रोश है। विद्युत अधिकारियों की कई चेतावनी पत्रों के बाद भी सेवा प्रदाता कंपनी पर कोई असर नहीं है। निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति ने सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया है।
समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मेरठ महानगर में पहले ही 168 संविदाकर्मियों की छंटनी की जा चुकी है। बचे हुए 435 कर्मचारियों पर ही पूरे महानगर की विद्युत व्यवस्था को ठीक करने का जिम्मा है। सेवा प्रदाता कंपनी को प्रत्येक माह की सात तारीख को वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में भेज देना चाहिए। इसके साथ ही सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराने चाहिए।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में आ रही समस्याओं को समस्याओं को भी दूर किया जाना चाहिए। कंपनी द्वारा इनमें से एक भी काम पूरा नहीं किया जा रहा है। समिति के पश्चिमांचल अध्यक्ष सचिन सिंह, अमित खारी ने बताया कि कई बार विरोध के बाद भी कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। बुधवार यानी आज इस मामले को लेकर अधीक्षण अभियंता नगर के कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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