अभी सिर्फ 13 किमी आउटर रिंग रोड बनाने को दी मंजूरी
मेरठ। शहर को जाम मुक्त करने के लिए हाईवे को आपस में जोड़ने के लिए आउटर रिंग रोड के मामले में अभी सिर्फ 13 किलोमीटर की ही मंजूरी दी गई है। पहले इसे 31 किलोमीटर तक करने की तैयारी थी। इसका प्रस्ताव कई वर्षोँ से लंबित था। एमडीए की महायोजना में आउटर रिंग रोड शामिल था, लेकिन इस पर कोई कार्य नहीं हो सका। पिछले वर्ष-2020 में सांसद राजेंद्र अग्रवाल के प्रयास से केंद्रीय परिवहन मंत्री ने 31 किमी की आउटर रिंग रोड बनाने पर सहमति दी थी।
इस प्रोजेक्ट का जिम्मा एनएचएआई को सौँपा गया था, लेकिन अब जाकर इसमें सिर्फ 13 किमी के हिस्से को ही अब बनाया जा रहा है। इसमें मवाना रोड को रुड़की रोड से जोड़ने को स्वीकृति मिली है। इसकी अधिसूचना सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी कर दी गई है।
आउटर रिंग रोड के लिए परिवहन मंत्रालय की ओर से नक्शा तैयार किया गया था। इसमें हापुड़ रोड स्थित शकरपुर गांव से गढ़ रोड को जोड़ने, सिसौली से निकलते हुए मवाना रोड पर सलारपुर तक आउटर रिंग रोड बनाने का प्लान है। एनएचएआई मुरादाबाद की ओर से मेरठ-गढ़ 709 ए हाईवे बनाने की प्रक्रिया चल जा रही है। इसके बाद ही सिसौली से सलारपुर तक कार्य शुरू होने का अनुमान है। भूमि एवं अध्याप्ति कार्यालय का दावा है कि रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। लगभग 70 प्रतिशत अधिग्रहण हो चुका है। एनएचएआई से मंजूरी मिलने के बाद इस पर भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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अभी इसे मिली है मंजूरी
- मवाना रोड स्थित सलारपुर और बहचौला के बीच से शुरू होने वाले इस 13 किमी के मार्ग में 12 गांव आएंगे। इसमें करीब 130 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसके बाद ही इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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इसकी मंजूरी अभी नहीं
- हापुड़ रोड स्थित भवानी कोल्ड स्टोरेज से सिसौली तक - 13 किमी
- गढ़ रोड स्थित सिसौली से मवाना रोड स्थित सलारपुर तक - 12 किमी
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अभी 13 किमी के हिस्से का निर्माण किया जाएगा। इसे दिसंबर-जनवरी तक शुरू किया जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले यह काम शुरू कर देंगे ताकि आचार संहिता की बाधा न आए। - डीके चतुर्वेदी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई