दौराला कस्बे में कचरे के बायो रेमिडिएशन परियोजना के दौरान डंपिंग यार्ड पर मौजूद चेयरमैन व ईओ।
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दौराला। उत्तर प्रदेश में कचरे का बायो रेमिडिएशन कराने के मामले में दौराला नगर पंचायत पहली नगर पंचायत बन गई है। गांधी जयंती पर इस परियोजना का शुभारंभ किया गया।
कचरे से जैविक खाद बनाने के लिए नगर पंचायत दौराला ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद शासन से इस प्रस्ताव को लेकर हरी झंडी मिल गई थी। बुधवार को सरधना रोड स्थित डंपिंग यार्ड पर चार वर्ष पुराने कचरे का बायो रेमिडिएशन कार्य शुरू किया गया। दिल्ली से आए एक्सपर्ट विनोद शर्मा ने इस परियोजना को प्रारंभ करने के लिए अपनी राय दी। किस तरह दौराला नगर पंचायत को कचरा मुक्त बनाना है। इसको लेकर विस्तार से जानकारी दी। नगर पंचायत दौराला के अधिशासी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह एवं चेयरपर्सन रीमा नवीन शर्मा ने बताया कि नगर पंचायत से प्रतिदिन 7.5 टन कचरा निकलता है। इसे सरधना रोड स्थित डंपिंग यार्ड पर डाला जाता था। चार वर्षों से एकत्रित कचरे का बायो रेमिडिएशन कर जैविक खाद बनाई जाएगी। इसमें नगर पंचायत के साथ तीन इवेंट पार्टनर हैं। जिनमें दौराला शुगर मिल नगर पंचायत को बायो कल्चर, शीशा व तकनीकी सहायता मैसर्स युग एसोसिएटस द्वारा रेड पीकर्स को सेफ्टी टूल और परियोजना के लिए दीवान एसोसिएटस के डायरेक्टर रवि चौधरी वाहन, मैन पावर निशुल्क प्रदान करेंगे। 90 दिन में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद यहां कंपोस्ट प्लांट सेंटर की स्थापना की जाएगी। इससे दौराला नगर पंचायत कचरा मुक्त बन जाएगी। इससे पहले नगर पंचायत में गांधी एवं शास्त्री जयंती पर दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।