19 फरवरी तक विवि में बनाना होगा पीएचडी का अध्यादेश
मेरठ। सीसीएसयू में पीएचडी के नए अध्यादेश (आर्डिनेंस) पर इसी महीने मुहर लग जाएगी। कुलपति ने सभी संकायाध्यक्षों को यूजीसी के नियमों के मुताबिक 19 फरवरी तक अध्यादेश तैयार करने के निर्देश दिए।
पीचएडी में साल 2016 के बाद से सीधे प्रवेश परीक्षा से एडमिशन नहीं हुए हैं। नेट और जेआरएफ उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को ही एडमिशन मिल रहा है।
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को पीएचडी अध्यादेश बनाकर लागू करने को कहा था। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला शोध को लेकर स्पष्ट कर चुकी हैं, गुणवत्तापूर्वक शोध के बिना काम नहीं चलेगा। कुलपति ने सभी संकायाध्यक्षों से कहा है कि 19 फरवरी तक ऑनलाइन बैठक कर पीएचडी अध्यादेश तैयार करें। 21 फरवरी को कार्य परिषद की बैठक में इस पर मुहर लगाई जाएगी। नए अध्यादेश में प्रवेश परीक्षा से पीएचडी में प्रवेश को भी मौका दिया जा सकता है। यूजीसी की सारी गाइड लाइन का अध्ययन करने को कहा गया है।
जल्द खोले जाएंगे कैंपस के छात्रावास
सीसीएसयू कैंपस में छात्रावास खोले जाने की तैयारी हो गई है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने सभी वार्डन के साथ बैठक कर सैनिटाइजर आदि सामान की पूर्ति हेतु वित्त नियंत्रक को छह माह की पूर्ति की सामग्री का ब्योरा बनाकर देने को कहा गया है।
सेमेस्टर परीक्षा के कई केंद्र बदले
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में 17 फरवरी से होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए कई केंद्रों में बदलाव किया गया है। केडी कॉलेज मवाना के स्थान पर एएस पीजी कॉलेज मवाना केंद्र बनाया गया है। रक्षपाल बहादुर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ग्रेटर नोएडा के स्थान पर इंस्टीट्यूट ऑफ फीजियोथेरेपी एंड रिहेेबीलेशन एंड एलाइड मेडिकल सांइस ग्रेटर नोएडा को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।