बहसूमद्म। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहचान छिपाकर रहने वाले संदिग्धों की अब खैर नहीं है। एसपी देहात ने सभी थाना क्षेत्रों में चल रहे कोल्हू एवं क्रशर संचालकों की लेबर का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
वेस्ट यूपी को गन्ना बेल्ट माना जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा क्रशरों को लाइसेंस फ्री करने तथा गन्ने की जरूरत को देखते हुए क्षेत्र में कोल्हू एवं क्रशरों का संचालन बढ़ रहा है। इन्हें संचालित करने के लिए गैर जनपदों से लेबर आती है। वेस्ट यूपी आतंकियों के रडार पर है। कहीं गैर जनपदों से कोई आतंकी पहचान छिपाकर तो कोल्हुओं में नहीं रह रहा है। इसके मद्देनजर एसपी देहात ने कोल्हुओं का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें कोल्हू संचालक का नाम, जमीन जिस पर कोल्हू संचालित है, कितनी लेबर लगी है तथा कहां से आई है। सभी का पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि का सत्यापन कराना है। इससे कोल्हू संचालकों में हड़कंप मचा है। उनका कहना है कि गैर जनपदों से आने वाली लेबर के पास पहचान पत्र नहीं होता है। जिससे लेबर एवं कोल्हू बंदी के कगार पर आ सकते हैं। वहीं, इस संबंध में एसपी देहात अविनाश पांडेय का कहना है कि गैर जनपदों से आने वाली लेबर का अपराधी इतिहास खंगाला जाएगा। यदि कोई संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ र्कारवाई की जाएगी।