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लोकसभा चुनाव 2019: मुस्लिम-दलित फैक्टर पर ही रहेगा विपक्ष का फोकस, भाजपा के लिए चुनौती होगा इसकी काट

Sat, 02 Jun 2018 03:24 PM IST
राकेश शर्मा, सहारनपुर
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कैराना लोकसभा उपचुनाव में गंगोह और नकुड़ विधानसभा की तरह मुस्लिम और दलित मतदाताओं की गोलबंदी इसी तरह हुई तो 2019 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर जिले की कई विधानसभाओं की तस्वीर बदल सकती है। देवबंद, बेहट, रामपुर मनिहारान, देहात और सहारनपुर विधानसभा में दलित और मुस्लिम (डीएम) मतदाता निर्णायक स्थिति में है।

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हर विधानसभा में दूसरी बिरादरी के वोटरों को जोड़कर विपक्ष इसी (डीएम) फार्मूले को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। वहीं, भाजपा के लिए इस गठजोड़ की काट तैयार करने की चुनौती रहेगी। फिलहाल जिले की सात विधानसभाओं में चार पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और एक पर सपा का कब्जा है। 

कैराना उपचुनाव में जिले की गंगोह और नकुड़ विधानसभा में नए समीकरणों ने विपक्ष को संजीवनी देने के साथ भाजपा खेमे में बेचैनी पैदा कर दी है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा प्रभावित सहारनपुर जिले की कई विधानसभाओं में भाजपा ने परचम लहराया था। नकुड़ से विधायक धर्म सिंह सैनी प्रदेश में सरकार में मंत्री, जबकि गंगोह में प्रदीप चौधरी विधायक हैं। हर बार मुस्लिम और दलित मतदाता सपा, भाजपा, बसपा और रालोद प्रत्याशियों में बंट जाता था, मगर गंगोह और नकुड़ के इन मतदाताओं का झुकाव गठबंधन प्रत्याशी की तरफ होने के कारण भाजपा की हार का कारण बना। इस नए गठजोड़ को लेकर सियासी गलियारों में बहस छिड़ी है।

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आगामी आम चुनाव में भी यह गठजोड़ कायम रहा तो निसंदेह जिले की सातों विधानसभाएं प्रभावित होंगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के राघव लखनपाल शर्मा को 472999 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के इमरान मसूद को 407909, बसपा के जगदीश राणा को 235033 और सपा के शाजान मसूद को 52765 मत मिले थे। विधानसभा वार बात करें तो देवबंद में 316448 मतदाता है। इनमें 80 हजार के करीब मुस्लिम और 60 हजार दलित मतदाता है।

गुर्जर और राजपूत इस सीट पर अच्छी खासी स्थिति में है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के ब्रजेश सिंह यहां से विधानसभा पहुंचे थे। 319379 मतदाता वाली बेहट विधानसभा में फिलहाल तो कांग्रेस का कब्जा है। इसी सीट पर मुस्लिम 14500 और दलित 55 हजार के करीब है।

यहां सैनी और राजपूत मतदाता 27 और 28 हजार के करीब है। सहारनपुर नगर और देहात में दलित और मुस्लिम मतदाता निर्णायक स्थिति में है। इनमें देहात पर कांग्रेस और शहर सीट पर सपा का कब्जा है। कुल मिलाकर नए समीकरणों ने भाजपा खेमे में खलबली जरूर मचा दी है।
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