फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी लहर में नहीं टिक पाया विपक्ष, यूपी के इस जिले में भी चला था भाजपा का सिक्का

Tue, 12 Mar 2019 12:00 PM IST
Dimple Sirohi शैलेंद्र गौड़, अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 2019 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

यूपी  के बिजनौर जिले की दोनों लोक सभा सीटों पर 2014 में भाजपा का कब्जा रहा था। मोदी लहर और दंगों के बाद बने माहौल में विपक्ष का सफाया हो गया था। 2009 में बिजनौर सीट पर रालोद का कब्जा रहा था, लेकिन तब रालोद का भाजपा के साथ गठबंधन था और वह एनडीए का हिस्सा था।

विज्ञापन


बिजनौर लोकसभा सीट पर साल 2009 के चुनाव में रालोद ने कब्जा कर लिया था। रालोद भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ी थी। रालोद से संजय सिंह चौहान को चुनाव मैदान में उतारा था। उन्होंने बसपा प्रत्याशी शाहिद सिद्दीकी को चुनाव में मात दी थी।

संजय सिंह चौहान पहली बार रालोद के टिकट पर सांसद बने थे। चुनाव के बाद भाजपा और रालोद में खटास पैदा हो गई। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अजित सिंह कांग्रेस के साथ चले गए थे। साल 2014 के चुनाव में भाजपा ने भारतेंद्र सिंह को चुनाव मैदान में उतार दिया। मोदी लहर में बसपा, सपा समेत किसी भी दल का प्रत्याशी नहीं टिक पाया था।

रालोद और कांग्रेस की संयुक्त प्रत्याशी अभिनेत्री जयाप्रदा चुनाव में अपनी जमानत तक नहीं बचा पाईं। उन्हें उम्मीद थी कि बिजनौर सीट से चुनाव लड़कर वे जीत की हैट्रिक लगा देंगी। मोदी लहर में वोटरों ने उन्हें नापसंद कर दिया। भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र सिंह बंपर वोटों के साथ चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने थे। 

नगीना में भी चला था भाजपा का सिक्का
परिसीमन के बाद 2009 में हुए पहले चुनाव में नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट सपा के खाते में गई थी। 2014 में भाजपा ने यह सीट सपा से छीन ली थी। बसपा अभी इस सीट पर जीत से दूर है। सुरक्षित होने के बाद पहली बार नगीना लोकसभा सीट पर पहली बार 2009 में चुनाव हुआ। इस सीट पर सपा ने परचम लहराया था। सपा से यशवीर सिंह ने चुनाव में बसपा के आरके सिंह को शिकस्त दी थी। 

आरके सिंह की पत्नी ओमवती उस समय बसपा सरकार में मंत्री थीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में बसपा छोड़कर भाजपा में आए डॉ. यशवंत सिंह सांसद बने। उन्होंने सपा के यशवीर सिंह को चुनाव में पटखनी दी। बसपा तीसरे नंबर पर रही थी। 

2009 के चुनाव में नगीना कांग्रेस के इसन सिंह को 31 हजार से ज्यादा वोट मिले। लेकिन 2014 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस, रालोद और महान दल गठबंधन में यह सीट महान दल को गई। महान दल के भगवान दास राठौर जमानत भी नहीं बचा पाए। पीस पार्टी से चुनाव लड़े भाजपा से पूर्व सांसद रहे शीशराम रवि को गठबंधन प्रत्याशी से तीन गुना से भी ज्यादा वोट मिले थे।

बिजनौर लोकसभा सीट
2009 लोकसभा सीट बिजनौर
प्रत्याशी    पार्टी    वोट
संजय चौहान    रालोद    244587
शाहिद सिद्दीकी    बसपा    216157
सईदुज्जमां    कांग्रेस    85158
करतार सिंह भड़ाना    राकांपा    74821
यशवीर सिंह    सपा    51089

2014 बिजनौर लोकसभा सीट
भारतेंद्र सिंह    भाजपा    486913
शाहनवाज राना    सपा    281136
मलूक नागर    बसपा    230124
जयाप्रदा    रालोद    24348
विज्ञापन

2009 लोकसभा चुनाव नगीना
यशवीर सिंह    सपा    234815
आरके सिंह    बसपा    175127
मुंशीराम पाल    रालोद    163062
इसन सिंह    कांग्रेस    31779

2014 लोकसभा चुनाव नगीना
डा.यशवंत सिंह    भाजपा    367825
यशवीर सिंह    सपा    275435
गिरीशचंद्र    बसपा    245685
शीशराम रवि    पीस पार्ट    21334
भगवानदास राठौर महान दल    4581
सारिका चौधरी    आप    3695
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें